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जागरण संवाददाता, बागेश्वर । आगामी डिजिटल जनगणना को लेकर जिले में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। कलक्ट्रेट परिसर में समस्त चार्ज अधिकारियों, चार्ज सहायकों एवं संबंधित कर्मचारियों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ हो गया है।
प्रशिक्षण के दौरान जनगणना की नई डिजिटल प्रणाली, मोबाइल एप्लिकेशन के उपयोग तथा जनगणना प्रबंधन संबंधी प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनगणना कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इसे समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से संपादित करना सुनिश्चित करें। कहा कि जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व है, जिसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
मास्टर ट्रेनर हेमंत कुमार एवं यश चौधरी ने प्रशिक्षण सत्र संचालित किया। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जनगणना की डिजिटल प्रक्रिया, मोबाइल एप्लिकेशन के उपयोग, डेटा प्रविष्टि, सत्यापन प्रक्रिया तथा जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली की विस्तार से जानकारी दी। उप निदेशक जनगणना कार्य राजकुमार वनवासी ने बताया कि इस बार जनगणना पूर्णतः डिजिटल माध्यम से संपादित की जाएगी। प्रगणक एवं पर्यवेक्षक मोबाइल के माध्यम से घर-घर जाकर सटीक एवं अद्यतन जानकारी संकलित करेंगे।
आरंभ से अंत तक जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे कार्य में पारदर्शिता, शुद्धता एवं समयबद्धता बनी रहे।
दो चरणों में संपन्न होगी जनगणना
थम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना: 25 अप्रैल से 24 मई तक, स्व-गणना 10 अप्रैल से 24 अप्रैल तक इस दौरान नागरिक वेब पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे, जिसके बाद प्रगणक विवरण का सत्यापन किया जाएगा। दूसरा चरण नौ फरवरी से 28 फरवरी 2027 तक होगा। राज्य के हिमालयी क्षेत्रों में 11 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक होगा।
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