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हिमाचल प्रदेश में जनगणना के प्रथम चरण की तैयारियां तेज, 20 मास्टर ट्रेनरों का राज्यस्तरीय प्रशिक्षण शुरू

Chikheang 5 hour(s) ago views 805
  

जनगणना 2027 की हिमाचल प्रदेश में तैयारी तेज हो गई है। प्रतीकात्मक फोटो  



राज्य ब्यूरो, शिमला। भारत की आगामी जनगणना-2027 के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (एचएलओ) को लेकर हिमाचल प्रदेश में तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में डा. मनमोहन सिंह, हिमाचल लोक प्रशासन संस्थान शिमला में 24 से 27 फरवरी तक चार दिवसीय राज्यस्तरीय मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है।

इस प्रशिक्षण में प्रदेश के सभी जिलों से चयनित 20 मास्टर ट्रेनर और निदेशालय जनगणना कार्य में प्रदेश के 6 मास्टर ट्रेनर भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ सचिव-सह-नोडल अधिकारी राजेश शर्मा ने किया।

इस अवसर पर निदेशक, जनगणना कार्य निदेशालय दीप शिखा शर्मा तथा निदेशक, लोक प्रशासन संस्थान रूपाली ठाकुर भी उपस्थित रहीं।
जनगणना राष्ट्र निर्माण की आधारशिला

सचिव-सह-नोडल अधिकारी राजेश शर्मा ने कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या की गणना नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। यह प्रशासनिक विश्वसनीयता और शासन की पारदर्शिता की परीक्षा भी है। यदि आंकड़े अधूरे या त्रुटिपूर्ण होंगे तो विकास योजनाओं का लक्ष्य प्रभावित होगा।  
कोविड के कारण नहीं हुई थी जनगणना

उन्होंने अधिकारियों से तय समय सीमा में जिम्मेदारीपूर्वक कार्य पूर्ण करने का आह्वान किया। भारत में जनगणना प्रत्येक दस वर्ष में आयोजित होती है। वर्ष 2011 के बाद अगली जनगणना 2021 में प्रस्तावित थी, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इसे स्थगित करना पड़ा। अब जनगणना-2027 दो चरणों में होगी।

निदेशक जनगणना कार्य निदेशालय दीप शिखा शर्मा ने बताया कि जनगणना-2027 भारत की पहली पूर्णत: डिजिटल जनगणना होगी। डाटा संग्रहण मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, त्वरित और प्रभावी बनेगी।
मई-जून में होगा प्रथम चरण

प्रथम चरण (एचएलओ) अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच राज्यों द्वारा आयोजित किया जा सकता है। हिमाचल प्रदेश में यह कार्य 12 मई से 11 जून 2026 तक संचालित किया जाएगा। द्वितीय चरण फरवरी 2027 में प्रस्तावित है, जबकि हिमाच्छादित क्षेत्रों में इसे सितंबर 2026 में ही संपन्न किया जाएगा। स्व-गणना की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। पोर्टल निर्धारित तिथि से 15 दिन पूर्व सक्रिय होगा। कोई भी नागरिक लागिन कर अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेगा। इसके बाद उसे स्व-गणना आईडी प्रदान की जाएगी, जिसका सत्यापन प्रगणक द्वारा किया जाएगा।

मैदान स्तर पर प्रगणक एवं पर्यवेक्षक मोबाइल ऐप के माध्यम से कार्य को अंजाम देंगे। प्रशिक्षण के आगामी सत्रों में राष्ट्रीय ट्रेनर पंकज कुमार सिन्हा (संयुक्त निदेशक) और आशीष चौहान (संयुक्त निदेशक, जनगणना कार्य निदेशालय) मास्टर ट्रेनरों को व्यावहारिक मार्गदर्शन देंगे। मास्टर ट्रेनर आगे फील्ड ट्रेनरों को प्रशिक्षित करेंगे, जो पर्यवेक्षकों और प्रगणकों को प्रशिक्षण देंगे। इस तरह चरणबद्ध प्रणाली के माध्यम से जनगणना-2027 को सफल बनाने की तैयारी की जा रही है।

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