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पुरानी दिल्ली में तारों को अंडरग्राउंड करने का प्रोजेक्ट शुरू, चांदनी चौक में होगा ऐतिहासिक बदलाव

Chikheang 1 hour(s) ago views 170
  

पुरानी दिल्ली में लटकते तारों को अंडरग्राउंड करने का दशकों पुराना सपना अब साकार हो रहा है। इमेज एआई



नेमिष हेमंत, नई दिल्ली। दशकों की मांग और कोशिश के बाद, आखिरकार पुरानी दिल्ली में लटकते तारों को अंडरग्राउंड करने का प्रोजेक्ट जोर पकड़ रहा है। शाहजहानाबाद रीडेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (SRDC) का चार्ज संभालने के बाद, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता गुरुवार को पुरानी दिल्ली की सड़कों, गलियों और कूचों में तारों को अंडरग्राउंड करने के प्रोजेक्ट को लॉन्च करेंगी। राज्य सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए ₹159.47 करोड़ मंज़ूर किए हैं।

सूत्रों के मुताबिक, टाउन हॉल के बाहर लॉन्च इवेंट में एनर्जी मिनिस्टर आशीष सूद, MP प्रवीण खंडेलवाल, पार्षद सुमन गुप्ता के साथ दिल्ली सरकार के अधिकारी और दूसरे बड़े लोग मौजूद रहेंगे।

खास बात यह है कि इस दूसरे फेज़ में कुल 26 सड़कों, कूचों और कूचों में लटकते तारों को अंडरग्राउंड किया जाएगा। इससे पहले, 2021 में लाल जैन मंदिर से फतेहपुरी मस्जिद तक 1.3 km मेन रोड पर तारों को अंडरग्राउंड किया गया था।

अभी चांदनी चौक, नई सड़क, किनारी बाजार, दरीबा, कूचा महाजनी, भागीरथ पैलेस, चावड़ी बाज़ार, लाल कुआं और मटिया महल समेत पुरानी दिल्ली की लगभग हर गली और सड़क पर बिजली के लटकते तार खतरनाक लेवल तक पहुंच गए हैं। कुछ जगहों पर तो ये खतरनाक लेवल तक पहुंच गए हैं। उलझे तारों की वजह से अक्सर आग लग जाती है। दिल्ली हाई कोर्ट ने इस बारे में कई बार चिंता जताई है और आदेश भी दिए हैं।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, हवेली धरमपुरा, कौड़िया पुल और मस्जिद खजूर समेत सभी सड़कों पर प्राथमिकता के आधार पर अंडरग्राउंड बिजली के तार बिछाए जाएंगे। बिजली की तारों के साथ-साथ इंटरनेट और केबल समेत दूसरे केबल के लिए अलग-अलग डक्ट बिछाए जाएंगे। तारों को अंडरग्राउंड करने की जिम्मेदारी बिजली डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों की होगी। यह काम धीरे-धीरे किया जाएगा।

चांदनी चौक से MP बनने के बाद प्रवीण खंडेलवाल ने इस समस्या को हल करने के लिए व्यापारियों और अधिकारियों से पूरी बातचीत की और दिल्ली सरकार को एक रिपोर्ट सौंपी। चांदनी चौक की पार्षद सुमन गुप्ता के मुताबिक, यह प्रोग्राम चांदनी चौक में ऐतिहासिक सुधारों की शुरुआत है। दूसरे सुधार भी जल्द ही किए जाएंगे।
अब तक के बड़े डेवलपमेंट और कोशिशें

  • 2011: SRDC प्रोजेक्ट के तहत चांदनी चौक में अंडरग्राउंड वायरिंग का काम शुरू हुआ, लेकिन पूरा नहीं हुआ।
  • 2015: SRDC प्रोजेक्ट के तहत चांदनी चौक मेन रोड पर अंडरग्राउंड वायरिंग का काम शुरू हुआ, लेकिन पूरा नहीं हुआ।
  • 2017: दिल्ली हाई कोर्ट ने चांदनी चौक को “टाइम बम“ कहा और तारों के उलझने पर चिंता जताई।
  • 2018: लाल जैन मंदिर से फतेहपुरी चौक तक 1.3 km मेन रोड पर अंडरग्राउंड वायरिंग का काम शुरू हुआ और 2021 में पूरा हुआ।


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