सांकेतिक तस्वीर का प्रयोग किया गया है।
जागरण संवाददाता, मथुरा। ब्रज समेत देशभर में इस वर्ष होलिका दहन की तिथि को लेकर असमंजस है। अब तीन मार्च को पड़ने वाले चंद्रग्रहण के कारण ज्योतिषियों ने दो मार्च को ही होलिका दहन का शुभ मुहूर्त बताया है।
ग्रहण और प्रतिपदा (पड़वा) की उपस्थिति के चलते इस बार दहन और रंगों की होली के बीच एक दिन का अंतराल रहेगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार होलिका दहन का शुभ समय दो मार्च को शाम 7.30 बजे बन रहा है।
तीन मार्च को शाम 6.47 बजे तक ग्रहण रहेगा और इसके बाद प्रतिपदा शुरू हो जाएगी। होलिका दहन प्रतिपदा में नहीं होता है। रंगों की होली चार मार्च को खेली जाएगी, इस कारण एक दिन पहले होलिका दहन तीन मार्च को लाेग मान रहे थे।
लेकिन तीन मार्च को चंद्रग्रहण पड़ने के कारण होलिका दहन का शुभ समय दो मार्च को शाम 7.30 बजे माना जा रहा है। तीन मार्च को विदेशाें में चंद्रग्रहण दोपहर 3.20 बजे से शाम 6.47 बजे तक रहेगा। इससे नौ घंटे पहले सूतक लग जाएंगे।
मथुरा में चंद्रग्रहण का शाम 6.23 बजे से शाम 6.47 बजे तक रहेगा। इसके बाद प्रतिपदा शुरू हो जाएगी। प्रतिपदा में होलिका दहन नहीं होता है। प्रतिपदा तीन मार्च को शाम 5.07 बजे से चार मार्च को शाम 4.48 बजे तक रहेगी। इस कारण रंगों की होली चार मार्च को खेेली जाएगी।
ज्योतिषाचार्य कामेश्वर चतुर्वेदी ने बताया कि चंद्रग्रहण के कारण होलिका दहन का शुभ समय दो मार्च को शाम 7.30 बजे बन रहा है। तीन मार्च को ग्रहण समाप्त होने पर प्रतिपदा लग जाएगी, प्रतिपदा में होलिका दहन नहीं होता है।
शरद साहित्य आचार्य व आचार्य ब्रजेंद्र नागर ने बताया कि ब्रज भूमि में अधिकतम चंद्रग्रहण 24 मिनट रहेगा। भारतवर्ष में भी अधिकतम 30 मिनट रहेगा। ज्योतिषाचार्य दीपक ने बताया कि विदेशों में ग्रहण शाम 3.20 से शाम 6.47 बजे तक रहेगा।  |
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