विधायक अरुप चटर्जी, मंत्री दीपक बिरुआ और विधायक मथुरा प्रसाद महतो।
जागरण संवाददाता, धनबाद। धनबाद में हवाई अड्डे की मांग ने एक बार फिर जोर पकड़ ली है। झारखंड विधानसभा में उठे इस मुद्दे के बाद राज्य सरकार ने धनबाद जिला प्रशासन (उपायुक्त) से जमीन की उपलब्धता पर विस्तृत रिपोर्ट मांगने का निर्णय लिया है। यह कदम धनबाद वासियों के लिए उम्मीद की एक नई किरण लेकर आया है, जो लंबे समय से हवाईअड्डा की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
विधानसभा सत्र के दौरान निरसा के विधायक अरुप चटर्जी और टुंडी के विधायक मथुरा महतो ने धनबाद में एयरपोर्ट की आवश्यकता का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। इसके जवाब में प्रभारी मंत्री दीपक बिरुआ ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में बरवाअड्डा हवाई पट्टी मात्र 33 एकड़ में है, जबकि एयरपोर्ट के लिए कम से कम 113 एकड़ भूमि अनिवार्य है।
मंत्री ने कहा कि शुरुआती जानकारी के अनुसार जमीन की कमी के कारण ही बोकारो के विकल्प पर विचार हो रहा था, लेकिन विधायकों के कड़े तर्क के बाद अब सरकार धनबाद में नई जमीन की उपलब्धता पर डीसी से रिपोर्ट मांगेगी। जमीन की उपलब्धता होने पर सरकार एयरपोर्ट के निर्माण के संबंध में आगे कदम बढ़ा सकती है।
मिशन एयरपोर्ट धनबाद समूह ने शहर में एयरपोर्ट का निर्माण हो, इसके लिए कई बार इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है। मिशन की ओर से इसके लिए अभियान बनाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। हवाई अड्डे के लिए मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखकर इसका महत्व को बताया गया है।
साथ ही बताया गया है कि धनबाद केवल कोयले का केंद्र नहीं है, बल्कि यह विकास के कई पैमानों पर खरा उतरता है। शिक्षा का हब आइआइटी आइएसएम, बीआइटी, सिंदरी और सीआइएमएफआर जैसे वैश्विक संस्थानों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की कनेक्टिविटी जरूरी है। मिशन से जुड़े प्रवीण गोधा जैन, अविनाश कुमार, अनिल जैन, रमा सिन्हा व उदय प्रताप सिंह समेत अन्य लोग धनबाद में एयरपोर्ट निर्माण की मुहिम में लगे हुए हैं।  |