मानसून को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक करते नगर आयुक्त यशपाल मीणा। सौ. नगर निगम
जागरण संवाददाता, पटना। नगर निगम ने मानसून को ध्यान में रखते हुए जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए व्यापक रणनीति बनानी शुरू कर दी है। नगर आयुक्त यशपाल मीणा की अध्यक्षता में आयोजित अंतरविभागीय बैठक में शहर की जलनिकासी व्यवस्था को निर्बाध बनाए रखने, निर्माणाधीन परियोजनाओं के बीच समन्वय स्थापित करने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष तैयारी सुनिश्चित करने पर विस्तृत चर्चा हुई।
नगर आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि मानसून से पहले सभी अधूरे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। जहां समयाभाव के कारण कार्य पूर्ण करना संभव नहीं है, वहां अस्थायी एवं स्थायी वैकल्पिक जलनिकासी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में प्रत्येक अंचल के प्रमुख और सहायक नालों के जल प्रवाह की गहन समीक्षा की गई। यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि पानी का बहाव निर्बाध रूप से आउटफाल तक पहुंचे। संभावित जल-जमाव वाले क्षेत्रों की पहचान कर वहां अतिरिक्त पंपिंग व्यवस्था, तकनीकी सुधार और विशेष निगरानी की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
जलनिकासी में किसी भी प्रकार की बाधा, सड़क कटिंग या निर्माण कार्य से उत्पन्न अवरोध को तत्काल दूर करने के लिए विभागीय समन्वय तंत्र को सुदृढ़ बनाने का निर्देश दिया गया। नगर आयुक्त ने कहा कि मानसून के दौरान किसी भी स्थिति में जलनिकासी बाधित नहीं होनी चाहिए। नगर आयुक्त स्वयं विभिन्न अंचलों का स्थल निरीक्षण कर तैयारियों की समीक्षा करेंगे।
उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। मानसून को लेकर किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी। बैठक में बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड, बुडको सहित मेट्रो रेल परियोजना, पथ निर्माण, भवन निर्माण, जल संसाधन विभाग एवं बीएमएसआइसीएल के अधिकारियों ने भाग लिया।
नगर निगम द्वारा सभी अंचलों में नालों की उड़ाही, जर्जर मैनहोल की मरम्मत और नियमित निरीक्षण अभियान भी चलाया जा रहा है, ताकि वर्षा ऋतु में नागरिकों को न्यूनतम असुविधा हो।  |