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प्रतीकात्मक तस्वीर
विकास गुसाईं, जागरण देहरादून। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास परिषद (यूकाडा) इस वर्ष हेली सेवाओं को और सुरक्षित बनाने की तैयारी में जुटी है। यूकाडा ने इस वर्ष यह स्पष्ट किया है कि टेंडर उसकी कंपनी को दिया जाएगा, जिसका बीते दो वर्ष का रिकार्ड दुर्घटना रहित होगा।
यह भी कहा गया है कि वही कंपनी इसकी पात्र होगी, जिसके पायलट के पास 1500 हवाई घंटे हेलीकाप्टर उड़ाने का अनुभव होगा। साथ ही केदारनाथ हेली सेवा में 10 घंटे की निगरानी में की गई उड़ान का अनुभव होना जरूरी है।
प्रदेश में गत वर्ष चारधाम हेली सेवाओं को लेकर सवाल उठे थे। इस अवधि में चार हेली दुर्घटनाओं में सात से अधिक व्यक्तियों की मौत हुई थी। इसके बाद दूसरे चरण की हेली सेवाओं में काफी सख्ती की गई। गत वर्ष के अनुभव को देखते हुए इस बार यूकाडा ने हेली सेवाओं के संचालन के जो टेंडर आमंत्रित किए हैं उनमें काफी सख्ती की गई है।
इनमें स्पष्ट किया गया है कि हेली सेवाएं नौ स्थानों से संचालित होंगी। इसके तहत गुप्तकाशी के दो, फाटा के चार और सिरसी के तीन हेलीपैड ही हेली सेवाओं के लिए प्रयोग किए जाएंगे। एक हेलीपैड से हेली सेवा संचालित करने वाली कंपनी के पास एक नियमित व एक स्टैंड-बाय हेलीकाप्टर होना जरूरी होगा। इसी प्रकार दो हेलीपैड से तीन और तीन हेलीपैड से हेली सेवा देने वाले के पास चार हेलीकाप्टर होने चाहिए, ताकि अपरिहार्य स्थिति में हेली सेवा प्रभावित न हो।
इसमें पायलट के लिए भी कुछ प्रविधान किए गए हैं। इसके तहत पायलट की आयु 60 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। उसे पर्वतीय क्षेत्रों में 100 घंटे की सिंगल पायलट फ्लाइंग का भी अनुभव होना चाहिए।
अधिकतम किराया भी तय
टेंडर में हेली सेवाओं के लिए अधिकतम किराया तय किया गया है। इसके तहत गुप्तकाशी से केदारनाथ के लिए एक तरफ का अधिकतम किराया 6500 रुपये, फाटा से 5500 और सिरसी से 5500 रुपये रखा गया है। हेली कंपनियों को इससे कम ही किराया रखने की बोली लगानी होगी। जिस कंपनी का किराया सबसे कम होगा, उसी को आधार बनाते हुए किराया तय किया जाएगा।
पांच मार्च को खुलेंगे टेंडर
सीईओ यूकाडा आशीष चौहान ने बताया कि इस बार हेली सेवाओं को सुरक्षित करने के लिए कई एहतियाती कदम उठाए गए हैं। टेंडर जारी कर दिए गए हैं। ये टेंडर पांच मार्च को खोले जाएंगे। इसके बाद हेली कंपनियों का चयन किया जाएगा।
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