सांकेतिक तस्वीर
राज्य ब्यूरो, रांची। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने सभी सिविल सर्जनों को हर हाल में गुरुवार तक सभी लंबित बिल ट्रेजरी भेजने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने बुधवार को अपने कार्यालय कक्ष से राज्य के सभी सिविल सर्जनों के साथ वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा करते हुए ये निर्देश दिए।
अपर मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान के अंतर्गत एसएनए स्पर्श के अलावा आयुष्मान भारत इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन, 15वें वित्त आयोग एवं मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना की विस्तार से समीक्षा की गई।
इस क्रम में अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने सिविल सर्जनों से पूछा कि एसएनए स्पर्श के अंतर्गत कितने बिल ट्रेजरी में भेजे गए, कितने पास हुए तथा शेष बिल कब तक भेजे जाएंगे। इस पर अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि सभी लंबित बिल 26 फरवरी तक अनिवार्य रूप से ट्रेजरी में भेज दिए जाएं। आवश्यकता पड़ने पर कैंप लगाकर कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया गया।
अपर मुख्य सचिव ने सहिया को 12 माह की पारिश्रमिक का एकमुश्त भुगतान की जानकारी देते हुए इसे सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही यह भी निर्देश दिया कि अब सभी सिविल सर्जन अवकाश की स्वीकृति अनिवार्य रूप से निदेशक प्रमुख, स्वास्थ्य सेवाएं से लेंगे ताकि विभाग को सिविल सर्जन के अवकाश पर जाने की जानकारी रहे।
समीक्षा के क्रम में आवंटन एवं व्यय की स्थिति पर विशेष जोर देते हुए कहा गया कि जितनी राशि आवंटित हुई है, उसके अनुरूप व्यय एवं ट्रेजरी में लंबित राशि का समुचित मिलान हो। हेल्थ सब-सेंटरों के कार्यों तथा पुराने स्वास्थ्य केंद्रों को आयुष्मान आरोग्य मंदिर में परिवर्तित करने हेतु दिए गए फंड की भी समीक्षा की गई।
14 प्रकार की जांच के लिए मशीन एवं उपभोग्य सामग्री की खरीद की स्थिति की जानकारी ली गई। अपर मुख्य सचिव ने सभी सिविल सर्जनों को उपायुक्त के साथ बैठक कर व्यय की समीक्षा करने तथा लंबित मुद्दों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक के अंत में मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना के तहत मरीजों को दिए जा रहे उपचार की स्थिति पर भी चर्चा की गई।  |
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