भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पर जाम में फंसे लोग।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। उत्तर बिहार को दक्षिण बिहार से जोड़ने वाले विक्रमशिला सेतु पर मंगलवार को भारी अव्यवस्था देखने को मिली। ब्रेकडाउन, वाहन पंचर और मेंटेनेंस कार्य के कारण सेतु पर लगभग 18 घंटे तक ट्रैफिक पूरी तरह ठप रहा। इससे न केवल वाहनों की कतारें बढ़ीं, बल्कि आसपास के इलाके का जनजीवन भी पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया।
देर रात हुआ पहला ब्रेकडाउन
करीब दो बजे पीलर संख्या 27 के पास नवगछिया की ओर आ रही एक गाड़ी अचानक ब्रेकडाउन हो गई। संकरी लेन में वाहन फंसते ही दोनों तरफ लंबी कतारें लग गईं। जाम बढ़ने पर कई चालक अपनी गाड़ियों के पास ही सो गए, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।
प्रशासन ने किया प्रयास, जाम खुला पर अस्थायी राहत
सूचना मिलने पर यातायात पुलिस और सात थानों की टीम सक्रिय हुई। क्रेन की मदद से खराब वाहन को साइड किया गया और सोए चालक उठाकर आगे बढ़वाए गए। भारी दबाव के बाद सुबह करीब 11 बजे जाकर जाम पूरी तरह खुल सका। लेकिन राहत ज्यादा देर तक नहीं टिक पाई।
मरम्मत कार्य ने फिर जाम बढ़ाया
जाम खुलने के बाद सेतु पर मरम्मत कार्य शुरू हुआ, जिससे ट्रैफिक रुक-रुक कर चलता रहा। शाम चार बजे पीलर संख्या 107 के पास एक वाहन के पंचर हो जाने से फिर से हालात बेकाबू हो गए। देखते ही देखते पांच घंटे से अधिक समय तक सेतु पर पहिया थम गया। एंबुलेंस और अन्य इमरजेंसी वाहन भी घंटों जाम में फंसे रहे।
रास्ते में कतारें और पैदल यात्रा
सबौर जाने वाली सड़क पर कई किलोमीटर लंबी वाहनों की कतार लग गई, जबकि बायपास मार्ग भी जाम की चपेट में आ गया। हालात इतने गंभीर थे कि कई लोगों को भागलपुर जीरो माइल से नवगछिया के जाह्नवी चौक तक पैदल जाना पड़ा।
बस सेवाओं पर भी असर
जाम का असर तिलकामांझी सरकारी बस स्टैंड पर भी साफ दिखा। सिलीगुड़ी और पूर्णिया से आने वाली नाइट बसें शाम छह-सात बजे पहुँचने के बजाय रात 10 बजे ही भागलपुर पहुँचीं।
प्रशासनिक कार्रवाई और अव्यवस्था
दोनों तरफ की टीओपी पुलिस, यातायात और थाने की टीम लगातार पेट्रोलिंग कर जाम छुड़ाने का प्रयास करती रही। शाम के दौरान ओवरटेक करने वाले आधा दर्जन वाहनों पर जुर्माना भी लगाया गया। इसके बावजूद दिनभर सेतु पर अफरातफरी और अव्यवस्था का माहौल बना रहा।  |
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