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CBSE: कक्षा 6 से दो भारतीय भाषाओं के साथ एक फॉरेन लैंग्वेज पढ़ना होगा अनिवार्य, अगले सत्र से लागू होगी न्यू लैंग्वेज पॉलिसी

Chikheang 2 hour(s) ago views 695
  

CBSE Third Language Policy 2026



एजुकेशन डेस्क, नई दिल्ली। नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP 2020) और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क फॉर स्कूल एजुकेशन (NCFSE 2023) के तहत सेन्ट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) अगले सत्र यानी कि 2027-28 से नया CBSE Third Language Policy 2026 लागू करने जा रही है। इस नियम के अनुसार अब कक्षा 6 से सभी छात्रों को दो भारतीय भाषाओं के साथ एक फॉरेन लैंग्वेज पढ़ना अनिवार्य कर दिया गया है।
अंग्रेजी को माना जायेगा फॉरेन लैंग्वेज

नए नियम के मुताबिक अंग्रेजी भाषा को थर्ड लैंग्वेज माना जायेगा। ऐसे में स्टूडेंट्स दो भारतीय भाषाओं के साथ इंग्लिश को फॉरेन लैंग्वेज के रूप के चुन सकेंगे। अगर कोई छात्र फ्रेंच, जर्मन या अन्य कोई विदेशी भाषा पढ़ता है तो उसके साथ भी दो भारतीय भाषाएं सीखना अनिवार्य। होगा
2031 तक बोर्ड परीक्षाओं में शामिल करने का लक्ष्य

सीबीएसई की ओर से कक्षा 6 से अगले ही सत्र यह नियम लागू हो जायेगा। इसके बाद वर्ष 2031 एक इसे 10th क्लास तक लागू करने का रोडमैप तैयार किया जा रहा है। ऐसे में सीबीएसई 2031 में थर्ड लैंग्वेज को बोर्ड परीक्षा में शामिल करेगा।
नई किताबें की जाएंगी तैयार

अगले सत्र से नया नियम लागू हो जायेगा ऐसे में सीबीएसई की ओर से तीसरी भाषा के लिए पाठ्यक्रम/ किताबें तैयार की जाएंगी। पहले सत्र से सीबीएसई तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़, गुजराती और बांग्ला सहित 9 भाषाओं के लिए बुक्स तैयार करेगा। बात में अन्य भारतीय भाषाओं एवं विदेशी भाषाओं के लिए भी बुक्स तैयार की जाएंगी।

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