PIB द्वारा जारी की गई प्रेस रिलीज के मुताबिक इन सुधारों का मुख्य उद्देश्य लॉजिस्टिक अक्षमताओं को दूर करना, लेनदेन की लागत को कम करना और वैश्विक स्तर पर भारत की ई-कॉमर्स निर्यात प्रतिस्पर्धा को बढ़ाना है।
इन सुधारों के तहत सबसे बड़ा और अहम कदम कूरियर मोड के माध्यम से वाणिज्यिक निर्यात खेप पर ₹10 लाख की मौजूदा मूल्य सीमा को पूरी तरह से हटाना है।
इस कदम से एमएसएमई (MSMEs), कारीगरों, स्टार्टअप्स और ई-कॉमर्स निर्यातकों को काफी सहूलियत मिलेगी।