deltin33 • 2025-10-15 20:07:02 • views 1092
राज्य ब्यूरो, जागरण,लखनऊः राज्य में निवेश बढ़ाने के लिए जिला उद्योग केंद्रों के महाप्रबंधक व उद्यमी मित्र पढ़ाई करेंगे। इन्वेस्ट यूपी ने इसके लिए आइआइएम से विशेष कोर्स डिजाइन कराया है। इस कोर्स के तहत जीएम व उद्योग मित्रों को निवेशकों के साथ संवाद स्थापित करने के तौर-तरीके सिखाए जाएंगे। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
महाप्रबंधकों व उद्यमी मित्र इसके साथ ही यह भी सीखेंगे कि विदेशी निवेशकों से कैसे बात करनी है। उन्हें निवेश के लिए कैसे आकर्षित करना है और सरकार की निवेश से संबंधित विभिन्न योजनाओं की जानकारी कैसे देनी है, इसके बारे में जीएम और उद्यमी मित्रों को प्रशिक्षित किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन्वेस्ट यूपी के इस प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है।
वर्तमान में राज्य में जिला उद्योग केंद्रों और औद्योगिक प्राधिकरणों सहित निवेश से जुड़े अन्य विभागों में 120 महाप्रबंधक और जिलों में 112 उद्यमी मित्र तैनात हैं। राज्य में निवेशक के लिए आने वाले ज्यादातर निवेशक सबसे पहले उपलब्ध भूमि का भौतिक निरीक्षण करते हैं। इसके बाद निवेश का प्रोजेक्ट फाइनल करते हैं।
अधिकतर मामलों में जिला उद्योग केंद्रों के महाप्रबंधक और उद्यमी मित्रों द्वारा ही निवेशकों को भूमि का स्थलीय निरीक्षण कराया जाता है। भूमि फाइनल करने के बाद संबधित प्रोजेक्ट को लेकर सरकार की तरफ से दी जाने वाली सुविधाएं व छूट की जानकारी भी जीएम और उद्यमी मित्रों द्वारा दी जाती है।
इस सारी प्रक्रिया की पहली कड़ी जीएम और उद्यमी मित्र हैं। इसलिए इन्वेस्ट यूपी ने इन्हें निवेशकों के साथ व्यवसायिक दृष्टिकोण से संवाद स्थापित करने के लिए आइआइएम में प्रशिक्षण दिलाने की योजना तैयार की है। इस योजना के तहत इन्हें दीपावली के बाद अलग-अलग बैचों में एक सप्ताह का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण कोर्स सभी संबंधित जीएम और उद्यमी मित्रों के लिए करना अनिवार्य होगा। |
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