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हरियाणा स्थापना दिवस पर भरेंगे 20 लाख महिलाओं के खाते, राज्य में बनाए जाएंगे इतने नए जिले

deltin33 2025-10-23 00:07:21 views 1251
  

हरियाणा के स्थापना दिवस की तैयारियों में जुटी भाजपा सरकार और संगठन (फोटो: जागरण)



राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा की भाजपा सरकार राज्य के स्थापना दिवस पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की तैयारियों में जुट गई है। एक नवंबर को हरियाणा दिवस है। इसी दिन दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना की करीब 20 लाख लाभपात्र महिलाओं के खातों में 2100-2100 रुपये डाले जाएंगे। इसी दिन राज्य में नये जिलों की घोषणा संभव है। फिलहाल प्रदेश में 22 जिले हैं। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

हरियाणा सरकार के पास 11 नये जिले, 14 उपमंडल, चार तहसील और 27 उप तहसील नई बनाने के प्रस्ताव पहुंचे हुए हैं। जनप्रतिनिधि और लोग चाहते हैं कि असंध, नारायणगढ़, मानेसर, पिहोवा, बरवाला, सफीदों, पटौदी, डबवाली, हांसी और गोहाना को नया जिला बनाया जाए, लेकिन हरियाणा दिवस पर इनमें से असंध, हांसी और गोहाना को नया जिला बनाने की घोषणा संभव है। डबवाली और हांसी को प्रदेश सरकार ने पहले ही पुलिस जिला बनाया हुआ है।

हरियाणा भाजपा के अध्यक्ष मोहन लाल बडौली ने बुधवार को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात कर संगठनात्मक विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष ने भगवान विश्वकर्मा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।

भाजपा की प्रदेश महामंत्री डॉ. अर्चना गुप्ता ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को तिलक लगाकर भैयादूज की शुभकामना दी। भाजपा सरकार की कोशिश है कि हरियाणा दिवस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को हरियाणा बुलाया जाए।

हरियाणा के वर्तमान प्रशासनिक ढांचे की बात करें तो प्रदेश में छह मंडल, 22 जिले, 80 उपमंडल, 94 तहसीलें, 49 उप तहसीलें, 143 खंड, 154 कस्बे और 6841 गांव शामिल हैं। हरियाणा में 31 दिसंबर तक नये जिले और तहसीलें नहीं बने तो फिर डेढ़ साल से अधिक समय तक इंतजार करना होगा। कारण यह कि अगले साल एक अप्रैल से जनगणना की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने प्रदेश सरकार को प्रशासनिक सीमाओं में बदलाव के लिए 31 दिसंबर तक का समय दिया है। इस अवधि में प्रशासनिक सीमाओं में बदलाव नहीं हो पाने पर जून 2027 के बाद ही आगे की कार्रवाई हो सकेगी।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एक सादे कार्यक्रम में भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना के बाद कहा कि भगवान विश्वकर्मा सृजन, परिश्रम और कौशल के प्रतीक हैं। उन्होंने समाज को शिल्प, निर्माण और निपुणता के माध्यम से प्रगति का मार्ग दिखाया।

उन्होंने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आरंभ की गई ‘प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना’ पारंपरिक शिल्पकारों और हस्तशिल्पियों के कौशल को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हरियाणा भाजपा की महामंत्री ड. अर्चना गुप्ता ने मुख्यमंत्री को भैयादूज का तिलक करने के बाद कहा कि भारतीय संस्कृति में ऐसे पर्व न केवल पारिवारिक संबंधों को प्रगाढ़ बनाते हैं, बल्कि समाज में प्रेम, एकता और सद्भाव का संदेश भी देते हैं।
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