LHC0088 • 2025-10-28 18:01:59 • views 816
अनिल त्रिपाठी, अररिया। दूसरे चरण में 11 नवंबर को अररिया जिले की सभी छह सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर टिकट के लिए जोर-आजमाइश चल रही है। 13 अक्टूबर से नामांकन की प्रक्रिया शुरू होगी। राजनीतिक पार्टियां सीटों के बंटवारे से लेकर प्रत्याशी के चयन में लगी है। हर चौक चौराहों पर सबसे अधिक चर्चा है तो एनडीए व महागठबंधन में सीट को लेकर। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
अररिया विस सीट की बात करें तो यहां सबसे ज्यादा मारामारी महागठबंधन में है। यह सीट कांग्रेस के खाते में है। वहीं, लोगों की जुबान पर यह भी तैर रहा है कि कहीं अररिया की सीट पर एनडीए में अदला बदली भी न हो जाए, क्योंकि जोकीहाट सीट को लेकर चर्चा है कि यह जदयू के खाते में न चली जाए। पिछली बार भाजपा के खाते में थी। अगर ऐसा होता है तो अररिया सीट लोजपा या भाजपा के खाते में न आ जाए।
हालांकि, टिकट को लेकर चयन की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली गई है। गेंद अब केंद्रीय हाइकमान के हाथ में है। हर दल में टिकट पाने के लिए आधा दर्जन से अधिक लोग लगे हुए थे, लेकिन अब यह मात्र दो से तीन नामों तक सिमट कर रह गया है।
महागठबंधन से कांग्रेस के सीटिंग विधायक आबिदुर्रहमान, पूर्व विधायक जाकिर अनवर सहित कुछ अन्य लोग टिकट की आस लगाए हुए है। जदयू से दो नाम शुरू से ही आमने सामने आ रहे हैं। जिनमें शगुफ्ता अजीम और शाद अहमद बबलू है। अन्य लोगों का भी नाम हो सकता है। मुकाबला अररिया सीट पर काफी रोचक देखने को मिलेगा।
यहां इस बार जनसुराज, हिंद सेना सहित अन्य छोटे छोटे दल से प्रत्याशी चुनाव लड़ने के मूड में है। टिकट की लड़ाई में एनडीए व महागठबंधन से किसको टिकट मिलेगा और कौन इससे बाहर होगा। यह कह पाना मुश्किल है। |
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