जीरो प्वाइंट पर एक साथ आते वाहन
जागरण संवाददाता, बरेली। भीषण सड़क हादसे में बस में सवार 24 लोगों की जलकर मौत के बाद भी नेशनल हाईवे 30 (बड़ा बाईपास) पर इन्वर्टिस जीरो प्वाइंट पर हादसों से बचाव के ठोस उपाय नहीं किए गए। इसकी वजह से साढ़े आठ साल बाद एक बार फिर शुक्रवार को बड़ा हादसा होने से बच गया।
शनिवार को जब दैनिक जागरण की टीम ने मौके पर जाकर स्थिति देखी तो कई वाहन टकराने से बचते नजर आए। इसकी प्रमुख वजह यह है कि इस प्वाइंट पर एक साथ तीन तरफ से वाहन आते हैं। सभी वाहन तेज रफ्तार से होते हैं और अचानक मोड़ से वाहन आने पर ब्रेक लगाना तक मुश्किल हो जाता है।
4 जून 2017 की रात को बड़ा बाईपास पर इन्वर्टिस जीरो प्वाइंट पर बरेली की ओर से जा रही बस में शाहजहांपुर की तरफ से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी थी। टक्कर डीजल टैंकर पर लगने की वजह से बस में आग लग गई थी और अंदर बैठी 21 सवारियाें की मौके पर जलकर मौत हो गई थी। इसके अलावा तीन सवारियों की मौत इलाज के दौरान हो गई थी। हादसे में 15 सवारियां भी घायल हुई थीं।
इसके बाद जीरो प्वाइंट पर हादसे रोकने को शासन और प्रशासन स्तर पर तमाम प्रयास किए गए थे। यहां पर हाईमास्ट और स्ट्रीट लाइटें भी लगवाई गई थीं। इसके अलावा कुछ दिशा-सूचक भी लगवाए थे। शुक्रवार को भी साढ़े आठ साल पहले हुए हादसे की तरह ही बस और ट्रक में टक्कर हो गई। इसमें ट्रक के केबिन में आधे घंटे तक चालक फंसा रहा था। गनीमत रही कि बस में बैठी सवारियों को चोट नहीं लगी थी।
दैनिक जागरण की टीम ने शनिवार दोपहर में जीरो प्वाइंट पर जाकर स्थिति देखी तो पाया कि शाहजहांपुर से शहर की ओर आने वाले वाहनाें को कोई दिक्कत नहीं हो रही थी लेकिन शहर से जाने वाले वाहन बड़ा बाईपास पर शाहजहांपुर-लखनऊ की ओर जाते समय काफी संभलकर निकल रहे थे, क्योंकि शाहजहांपुर से रामपुर-मुरादाबाद की ओर जाने वाले वाहन तेज रफ्तार से आ रहे थे और पार्क और मोड़ की वजह से दूर से दिखाई नहीं दे रहे थे।
इसके अलावा मुरादाबाद की ओर से आने वाले वाहन भी शहर की ओर जाने के लिए अचानक मुड़ रहे थे। तीनों तरफ से एक साथ वाहन आने से कई बार इनके आपस में टकराने की स्थिति बनी। शाहजहांपुर और शहर से जाने वाले वाहनों के लिए तो दिशा-सूचक बोर्ड लगे हैं लेकिन रामपुर-मुरादाबाद की ओर से आने वाले वाहनों के लिए कोई बोर्ड जीरो प्वाइंट के पास में नहीं लगा है।
यहां पर सिर्फ एक कट का दिशा-सूचक नीचे की ओर लगा है जो दूर से नजर नहीं आता है। इसके अलावा यहां पर लगाई गईं हाई मास्ट और स्ट्रीट लाइटें भी रात में नहीं जलती हैं, जिससे अंधेरे में हादसे का खतरा और बढ़ जाता है। यहां पर सिर्फ एक बोर्ड दुर्घटना संभावित क्षेत्र का बोर्ड लगा है।
फ्लाईओवर बनने से हादसों से हो सकता है बचाव
बड़ा बाईपास पर बीसलपुर रोड पर नवदिया झादा मोड़ पर दोनों तरफ से एक साथ वाहन आने से कई बार हादसे हुए। इसके बाद से ही यहां पर फ्लाईओवर का निर्माण किया जा रहा है। ऐसे में इन्वर्टिस जीरो प्वाइंट पर भी फ्लाईओवर के निर्माण से ही हादसों को रोका जा सकता है। इससे शाहजहांपुर और मुरादाबाद की ओर से आने वाले वाहन सीधे निकल जाएंगे और शहर में प्रवेश करने और शहर से जाने वाले वाहन फ्लाईओवर के नीचे आसानी से निकल जाएंगे। इनके आपस में टकराने का खतरा भी नहीं रहेगा।
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