सेंट जार्जेज कॉलेज।
जागरण संवाददाता, आगरा। सेंट जार्जेज कालेज बालूगंज की फीस की रकम से गोलमाल करने के साथ ही इसको संचालित करने वाली संस्था पर भी प्रश्न उठ रहे हैं। सेंट जार्जेज कालेज बालूगंज के लिए उप निबंधक फर्म्स सोसायटीज एवं चिट्स कार्यालय में वर्ष 1949 में पंजीकृत कराई गई सेंट जार्जेज डायोसिशन स्कूल सोसायटी वर्ष 1988 में बंद हो गई।
इसके बाद कर्ताधर्ताओं ने द डायोसिशन एजूकेशन बोर्ड से कालेज का संचालन दर्शा दिया। जबकि इसके लिए विभाग में होने वाली प्रक्रिया काे दरकिनार किया गया। इसके लिए विभाग द्वारा द डायोसिशन एजूकेशन बोर्ड के चेयरमैन रहे डा. पीपी हाबिल को पत्र भी भेजा गया।
सोसायटी नवीनीकरण न होने से वर्ष 1988 में हो गई बंद
विद्यालयों का संचालन एजूकेशनल सोसायटी के माध्यम से होता है। सोसायटी का पंजीकरण उप निबंधक फर्म्स सोसायटीज एवं चिट्स कार्यालय से कराना होता है। सेंट जार्जेज कालेज बालूगंज के संचालन के लिए वर्ष 1949 में विभाग सेंट जार्जेज डायोसेशन स्कूल सोसायटी का पंजीकरण कराया गया। सोसायटी एक्ट के अनुसार, प्रत्येक सोसायटी का पांच वर्ष बाद नवीनीकरण कराना अनिवार्य है। मगर, सेंट जार्जेज डायोसेशन स्कूल सोसायटी का समय से पंजीकरण नहीं कराया गया।
द डायोसिसन एजूकेशन बोर्ड से संचालित दिखाया
विभाग द्वारा इसके लिए 10 अक्टूबर 1988 में सोसायटी के चेयरमैन को नोटिस दिया गया। इसके बाद भी नवीनीकरण नहीं कराया गया। बल्कि वर्ष 1986 में विभाग से पंजीकृत कराई गई संस्था डायोसिशन एजूकेशन बोर्ड ऑफ द डायोसिसन काउंसिल आफ द डायोसिस आफ आगरा से विद्यालय का संचालन दर्शा दिया गया। इसके लिए नियमानुसार होने वाली विलय की प्रक्रिया नहीं अपनाई गई।
उप निबंधक फर्म्स सोसायटीज एवं चिट्स द्वारा इसके संबंध में 28 जून 2022 को बोर्ड के चेयरमैन डॉ. पीपी हाबिल को पत्र भेजकर स्थिति स्पष्ट करने को कहा कि विद्यालय का संचालन किस संस्था से हो रहा है। मगर, विभाग के पास ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं है,जिसमें यह स्थिति स्पष्ट की गई हो।
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इन प्रश्नों के नहीं मिल रहे जवाब
- सेंट जार्जेज कालेज किस एजूकेशनल सोसायटी से संचालित हो रहा है?
- सोसायटी एक्ट के अनुसार, पुरानी संस्था से नई संस्था को संचालन की जिम्मेदारी तब मिल सकती जब पुरानी संस्था का नई संस्था में विलय हो। ऐसा कोई रिकार्ड विभाग के पास क्यों नहीं है?
- विलय की प्रक्रिया है कि पुरानी संस्था के पदाधिकारी साधारण बैठक कर विलय का प्रस्ताव पारित करें और नई संस्था के पदाधिकारी इस प्रस्ताव को स्वीकार करने का प्रस्ताव बहुमत से पारित करें। इसके बाद विभागीय प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए। क्या यह प्रक्रिया अपनाई गई? यदि अपनाई गई ताे विभाग के पास रिकॉर्ड क्यों नहीं है?
सेंट जार्जेज कालेज में मैंने प्रिंसिपल का कार्यभार 1998 संभाला था। यह मामला उससे पहले का है। इसकी मुझे पूरी जानकारी नहीं है। वित्तीय अनियमिता और अवैध रूप से संपत्ति हस्तांतरण करने के मेरे ऊपर लगाए गए आरोप गलत हैं। बार-बार एक ही तरह की शिकायत करके मेरी छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। -
जेएस जरमाया, पूर्व प्राचार्य सेंट जार्जेज कॉलेज बालूगंज |
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