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प्रतीकात्मक तस्वीर
जागरण संवाददाता, भागलपुर। बालिका शिक्षा को केंद्र में रखकर इस वर्ष 26 जनवरी के अवसर पर शिक्षा विभाग की विशेष झांकी सैंडिस कंपाउंड मैदान में प्रदर्शित की जाएगी। जिला प्रशासन की ओर से सोमवार को इसकी अनुमति मिलने के बाद जिला शिक्षा विभाग ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। झांकी के माध्यम से बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा, तकनीकी दक्षता और समग्र विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं एवं नवाचारों को आमजन के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।
- 26 जनवरी को सैंडिस कंपाउंड में होगी प्रस्तुति
- भागलपुर जिला शिक्षा विभाग ने तैयारी की शुरू
- परिवहन विभाग से मांगी गई दो गाड़ी
- पहली बार कस्तूरबा में शुरू हुए स्मार्ट क्लासेस की भी दिखेगी झलक
- सखी हेल्प डेस्क आईसीटी सहित कई नवाचार दिखेंगे
शिक्षा विभाग की झांकी में आधुनिक शैक्षणिक संसाधनों को प्रमुखता से दिखाया जाएगा। इसमें आईसीटी लैब, स्मार्ट क्लासेस, इंटीग्रेटेड मैथ एंड साइंस लैब के साथ-साथ कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में पहली बार शुरू हो रहे स्मार्ट क्लासेस को विशेष रूप से दर्शाया जाएगा। इसके अलावा बालिकाओं की सहायता और संरक्षण के लिए संचालित सखी सहायता डेस्क की भूमिका को भी झांकी के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे समाज में बालिका सुरक्षा और परामर्श की अहमियत को रेखांकित किया जा सके।
गवर्नमेंट गर्ल्स, कस्तूरबा सहित कई विद्यालयों के बच्चियों की होगी भागीदारी
झांकी में बालिकाओं के आत्मरक्षा प्रशिक्षण को भी प्रमुख स्थान मिलेगा। शिक्षा विभाग द्वारा छात्राओं को सिखाए जा रहे कराटे और आत्मरक्षा के विभिन्न तरीकों का जीवंत प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही, बालिकाओं के स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी सुविधाओं को केंद्रित करती हुई व्यवस्थाओं को भी दर्शाया जाएगा, जिससे यह संदेश दिया जा सके कि शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य और सुरक्षा भी बालिका सशक्तिकरण के अहम स्तंभ हैं। इस वर्ष झांकी में गवर्नमेंट गर्ल्स हाई स्कूल, कस्तूरबा बालिका विद्यालय सहित जिले के कई विद्यालयों की भागीदारी रहेगी। आकर्षण का एक विशेष केंद्र शिक्षा विभाग की म्यूजिकल टीम भी होगी, जो देशभक्ति और बालिका शिक्षा से जुड़े संदेशों को संगीत के माध्यम से प्रस्तुत करेगी।
झांकी की अनुमति अंतिम समय में मिली है, इसके बावजूद विभाग तेजी से तैयारियों में जुटा हुआ है। झांकी के निर्माण और समय पर प्रस्तुति के लिए जिला परिवहन विभाग से दो वाहनों की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि यह झांकी बालिका शिक्षा के प्रति समाज को जागरूक करने और सरकारी प्रयासों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम है।
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बबीता कुमारी, डीपीओ (एसएसए) |
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