जागरण संवाददाता, लखनऊ। साइबर जालसाजों ने नीलमथा निवासी अजेय कुमार यादव से निवेश के नाम पर 1.13 करोड़ रुपये ऐंठ लिए।
पीड़ित का आरोप है कि निवेश के बाद उनके खाते में यह रकम दिखाई दे रही थी। निकालने पर निवेश का दबाव बनाया जाने लगा। विरोध करने पर धमकाने लगे। ठगी का एहसास होने पर साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
पीड़ित अजेय कुमार ने बताया कि 25 सितंबर 2025 से वे एक वाट्सएप ग्रुप से जुड़े थे। जिसमें चोला सिक्योरिटीज प्राइमरी मार्केट एप्लीकेशन के जरिए उच्च लाभ का झांसा दिया गया। उनके अनुसार, ग्रुप में उनकी वित्तीय सलाहकार नविषा नाम की महिला थीं।
ग्रुप के सदस्यों ने उन्हें इनसाइट सर्कल और स्मार्ट गेन्स सर्कल नामक योजनाओं में पैसे निवेश करने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि उन्हें ऐप में जयेश लाजिस्टिक्स आइपीओ और ग्रो आइपीओ में निवेश करने के निर्देश दिए गए। दोनों आइपीओ में उन्होंने लगभग 16.20 लाख रुपये निवेश किए।
ऐप में उनके निवेश पर 1.13 करोड़ रुपये का लाभ दिखाया गया, लेकिन जब उन्होंने पैसे निकालने की कोशिश की तो बीस प्रतिशत शुल्क और अतिरिक्त 1.20 लाख रुपये वार्षिक फीस की मांग की गई। अजेय ने बताया कि उन्होंने 38.50 लाख रुपये निकालने के प्रयास किए, लेकिन पैसे खाते में नहीं आए।
उनकी वित्तीय सलाहकार ने बताया कि उनके खाते पर मनी लांड्रिंग का खतरा है और दस प्रतिशत सुरक्षा जमा करने को कहा गया। उन्होंने यह राशि जमा नहीं की। वित्तीय अपराध की शिकायत अजेय कुमार ने 29 नवंबर को आनलाइन पोर्टल पर दर्ज कराई थी।
अब तक अजेय ने सलाहकार के निर्देश पर विभिन्न खातों में कुल 22.60 लाख रुपये जमा करवा लिए। इंस्पेक्टर साइबर क्राइम थाना बृजेश कुमार यादव के ग्रुप के लोगों के नंबर ट्रेस किए जा रहे हैं, ताकि आगे ठगों की गिरफ्तारी हो सके। |
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