राज्य ब्यूरो, लखनऊ। बिजली बिल राहत योजना को प्रभावी ढंग से लागू करते हुए पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन हर एक बकाएदार उपभोक्ता तक पहुंचेगा। बिजली चोरी के मामले में सख्ती के साथ-साथ व्यावहारिक रुख अपनाते हुए संबंधित उपभोक्ता को योजना का हरहाल में लाभ उठाने के प्रेरित किया जाएगा।
सभी बकाएदारों तक पहुंचने के लिए फोन कॉल, व्यक्तिगत मुलाकात, नोटिस, पंफलेट व मुनादी सहित सभी माध्यमों का उपयोग किया जाएगा। कॉरपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बिजली चोरी में लिप्त पाए गए उपभोक्ताओं को योजना के लाभ बताए जाएं, ताकि वे कोर्ट कचहरी और एफआइआर से बच सकें।
सोमवार को शक्ति भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने भूमिगत केबल बिछाने के दौरान सुरक्षा उपायों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। गड्ढों की सही बैरिकेडिंग सुनिश्चित करने और रोड कटिंग चार्ज समय पर जमा कराने को कहा गया, ताकि दुर्घटनाओं से बचाव हो और सड़कों की मरम्मत शीघ्र कराई जा सके।
अध्यक्ष ने बताया कि पिछले वर्ष दिसंबर से चल रही बिजली बिल राहत योजना से अब तक 37 लाख से अधिक उपभोक्ता जुड़ चुके हैं और करीब 4000 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। योजना का दूसरा चरण अब समाप्ति की ओर है, ऐसे में अधिकारियों को और तेजी से काम करने की जरूरत है। जिन क्षेत्रों में बकाएदारों की संख्या अधिक है, वहां विशेष रणनीति के तहत कैंप लगाए जाएं और पूरे गांव के उपभोक्ताओं का एक साथ पंजीकरण कराया जाए।
योजना के तहत सबसे अच्छा प्रदर्शन पूर्वांचल डिस्काम का रहा है। यहां अब तक 13 लाख 76 हजार 621 उपभोक्ताओं ने पंजीकरण कराया है और 1590 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की गई है। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे दूसरे चरण में शीघ्र पंजीकरण कर अधिक छूट का लाभ लें, क्योंकि तीसरे चरण में छूट की दर कम हो जाएगी।
योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए कर्मचारियों के लिए प्रोत्साहन व्यवस्था भी लागू की गई है। बैठक में पावर कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक पंकज कुमार, सभी डिस्काम के प्रबंध निदेशक, निदेशक और कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। |