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सरकार ने पिछले बजट की हाइलाइट्स और उन पर हुई प्रगति की दी जानकारी, टैक्स सुधारों पर डाली नजर

Chikheang 3 hour(s) ago views 515
  

सरकार ने बताई बजट 2025 की हाईलाइट्स



आईएएनएस, नई दिल्ली। केंद्र सरकार 1 फरवरी को केंद्रीय बजट 2026-27 (Union Budget 2026) पेश करने की तैयारी कर रही है। इसी बीच, वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को पिछले बजट में की गई अहम घोषणाओं और उन पर हुई प्रगति की जानकारी दी। वित्त मंत्रालय ने बताया कि फाइनेंस एक्ट 2025 (वित्त अधिनियम 2025) के तहत नए टैक्स सिस्टम यानी न्यू टैक्स रिजीम (एनटीआर) में व्यक्तिगत आयकर ढांचे में बड़े बदलाव किए गए हैं, ताकि टैक्स देने के बाद लोगों के हाथ में ज्यादा पैसा बच सके।
इनकम टैक्स बिल 2025 भी बड़ा कदम

मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि ये बदलाव वित्त वर्ष 2025-26 से लागू हो चुके हैं, यानी आकलन वर्ष 2026-27 से इनका असर दिखेगा।
इसके अलावा, इनकम टैक्स बिल 2025 को भी एक अहम कदम बताया गया है। इस बिल के जरिए भारत के छह दशक पुराने प्रत्यक्ष कर कानून को बदलने की तैयारी है। सरकार का उद्देश्य है कि नए कानून से निवेशकों का भरोसा बना रहे, टैक्सपेयर्स को राहत मिले और टैक्स व्यवस्था को आसान बनाया जा सके।
इनकम टैक्स में राहत

टैक्स नीति में किए गए सुधारों में कॉरपोरेट टैक्स और व्यक्तिगत टैक्स दोनों शामिल हैं। जो कंपनियां तय की गई छूट और कटौतियों का लाभ नहीं लेती हैं, उनके लिए टैक्स दर 22 प्रतिशत रखी गई है। वहीं, नई मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के लिए एक तय समय तक टैक्स दर 15 प्रतिशत तय की गई है।
व्यक्तिगत आयकर के मामले में, नए टैक्स सिस्टम में आसान स्लैब और कम टैक्स दरें दी गई हैं, साथ ही छूट भी बढ़ाई गई है, जिसके तहत 12 लाख रुपए तक की आय वाले लोगों को टैक्स नहीं देना होगा। सैलरी पाने वाले कर्मचारियों के लिए यह सीमा 12.75 लाख रुपए तक हो जाती है, क्योंकि उन्हें 75,000 रुपए की स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलती है।
एलटीसीजी पर छूट?

फाइनेंस एक्ट 2025 के तहत धारा 10 (23एफई) के फायदे भी बढ़ाए गए हैं। इसके अनुसार, योग्य सॉवरेन वेल्थ फंड (एसडब्ल्यूएफ) और पेंशन फंड अब 31 मार्च 2030 तक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में निवेश कर सकते हैं और उन्हें डिविडेंड, ब्याज और लंबी अवधि के पूंजीगत लाभ (एलटीसीजी) पर टैक्स से छूट मिलती रहेगी।
वित्त मंत्रालय ने यह भी बताया कि इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर (आईएफएससी) से जुड़े अतिरिक्त कामकाज और तारीख बढ़ाने से जुड़े नियमों को फाइनेंस एक्ट 2025 के जरिए पूरी तरह लागू कर दिया गया है। ये बदलाव 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी हो गए हैं।
अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स के टैक्स पर स्पष्टता

मंत्रालय ने कहा कि सरकार ने अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स (एआईएफ) के लिए \“कराधान की निश्चितता\“ (Tax Certainty) यानी टैक्स को लेकर स्पष्टता देने का वादा पूरा किया है। अब प्रतिभूतियों से होने वाली आय को लेकर टैक्स नियम साफ कर दिए गए हैं, जिससे निवेशकों को भरोसा मिलेगा।
इसके साथ ही, आईएफएससी से जुड़े अतिरिक्त नियमों और समय-सीमा में बढ़ोतरी को भी फाइनेंस एक्ट 2025 के तहत पूरी तरह लागू कर दिया गया है और ये नियम 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी हो चुके हैं।

ये भी पढ़ें - भारतीय गणतंत्र के पहले बजट की कहानी, जब \“चार आने-आठ आने\“ के हिसाब से लगता था इनकम टैक्स, इतनी कमाई वालों को थी छूट
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