जागरण संवाददाता, बागपत। बेटे को मां सीपीआर देती रही और भीड़ तमाशबीन बनी रही। 10 मिनट तक सीपीआर देकर आखिर मां की सांसों ने बेटे की सांस लौटा ही दी। बेटे के शरीर में हलचल देख मां और वहां मौजूद भीड़ ने राहत ली।
मांगरौली गांव के सामने जब ई-रिक्शा पलटी तो सबसे नीचे ऋतिक दब गया। इससे वह दम घुटने से अचेत हो गया। बेटे के शरीर को बेदम हालत में देख पहले तो उसके साथ घायल मां उसे एकटक निहारती रही फिर फफक-फफक कर रोने लगी।
अगले ही पल मां ने हिम्मत बंधाते हुए बेटे की छाती को दबाया लेकिन फिर भी बेटे के शरीर में हलचल न देख आखिर मां बीना ने बेटे के मुंह से मुंह लगाया और उसके अंदर सांस भरती रही।
करीब पांच मिनट सांस भरते-भरते बेटे के शरीर में अचानक हल्की हलचल हुई और मां ने उसे अपनी गोद में ले लिया। इसी बीच एंबुलेंस वहां पहुंच गई और घायलों को लेकर बिनौली सीएचसी गई।
सीएचसी अधीक्षक बिनौली डा. अमित गुप्ता ने बताया कि घायलों को उपचार के बाद सीटी स्कैन के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया था क्योंकि उनके हाथ, पैर एवं सिर में चोट दिखाई दे रही थी। हालांकि उस समय सभी की हालत ठीक थी। |
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