दिलीप शर्मा, लखनऊ। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले योगी सरकार बजट के सहारे बड़ा दांव खेलने की तैयारी में है। सभी पेंशन योजनाओं में मिलने वाली पेंशन की राशि में 500 रुपये की बढ़ोतरी कर सामाजिक सुरक्षा का बड़ा संदेश दिया जाएगा। प्रदेश में वर्तमान में लगभग एक करोड़ पेंशनधारक हैं, ऐसे में चुनावी तैयारियों और रणनीतियों को अंतिम रूप देने वाले इस साल में सरकार में यह निर्णय अहम होगा। इसके सहारे विरोधियों द्वारा सरकार पर उठाए जा रहे सवालों को भी निरुत्तर किया जा सकेगा।
प्रदेश में वर्तमान में वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित विधवा महिला पेंशन और दिव्यांगजन पेेंशन योजनाएं संचालित हैं। वर्ष 2017 से पहले सभी योजनाओं में 300 रुपये मासिक पेंशन दी जाती थी। भाजपा की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबसे इसमें 200 रुपये प्रतिमाह की बढ़ोतरी थी। इसके बाद एकमुश्त 500 रुपये की बढ़ोतरी कर प्रतिमाह मिलने वाली पेंशन को एक हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया था।
अब इस राशि में एक और यानी तीसरी बार बढ़ोतरी की रूपरेखा बनाई जा रही है। 500 रुपये की बढ़ोतरी किए जाने पर पेंशन राशि 1500 रुपये प्रतिमाह पहुंच जाएगी। सूत्रों के मुताबिक इसके लिए संबंधित विभागों से योजना और उसके लाभार्थियों के ब्योरे के साथ बढ़ोतरी के बाद बढ़ने वाले व्यय के संबंध में जानकारी ली गई है। आने वाले बजट में सरकार इसकी घोषणा कर सकती है।
वर्तमान में 67.50 लाख बुजुर्ग वृद्धावस्था पेंशन पा रहे हैं। वहीं लगभग 40 लाख निराश्रित विधवा महिलाएं और साढ़े 11 लाख से अधिक दिव्यांगजन पेंशन योजनाओं से जुड़े हैं। इनके परिवारों को जोड़ लिया जाए तो पेंशन बढ़ोतरी का असर करोड़ों मतदाताओं तक सीधी पहुंच सकता है। इसके चलते ही सरकार की इस तैयारी को सीधे वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
माना जा रहा है कि सरकार सामाजिक सुरक्षा पेंशन को बड़ा चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी में है। महंगाई, रोजगार और आय जैसे मुद्दों के बीच पेंशनधारकों और मतदाताओं के बीच इस फैसले से सकारात्मक संदेश जाएगा। निर्णय के बाद इसे उपलब्धि के रूप में बड़े स्तर पर प्रचारित करने की भी योजना है। पेंशन बढ़ाने के साथ भ्रष्टाचार रोकने और पारदर्शिता के लिए उठाए गए कदमों को भी जनता के बीच पहुंचाया जाएगा।
खासतौर पर ग्रामीण इलाकों में बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांग मतदाताओं की भावनात्मक जुड़ाव की कोशिश की जाएगी। विपक्ष पहले से ही महंगाई और बेरोजगारी को मुद्दा बनाकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। सामाजिक सुरक्षा के मुद्दे पर भी सरकार पर प्रश्न खड़े किए जाते हैं। ऐसे में सरकार पेंशन बढ़ोतरी को बड़ी राहत के रूप में पेश कर सरकार विरोधियों की रणनीति को कमजोर करना चाहती है। |
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