महंत नरेंद्र गिरि मामले में सुनवाई के बाद कोर्ट से बाहर निकलते अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत रवींद्र पुरी। सौ. शिष्य
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष रहे श्रीमठ बाघम्बरी गद्दी के महंत नरेंद्र गिरि के आत्महत्या के मुकदमे में मंगलवार को सुनवाई नहीं हो सकी। अभियुक्त आनंद गिरि और गवाह अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद व मां मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रवींद्र पुरी कोर्ट में हाजिर हुए।
हालांकि, जिरह के लिए कोई अधिवक्ता उपस्थित नहीं हुआ। अगली सुनवाई के लिए तीन फरवरी की तिथि नियत की गई है। उस दिन आनंद गिरि को भी चित्रकूट जेल से तलब किया गया है।
कहा गया है कि आत्महत्या के विचाराधीन मुकदमे की सुनवाई के दौरान आनंद गिरि की ओर से प्रार्थना पत्र पर कोर्ट ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से तलब किया। आरोपित आनंद की ओर से कोई भी अधिवक्ता कोर्ट में हाजिर नहीं था। कोर्ट के पूछने पर उन्होंने बताया कि अभी तक अपना कोई अधिवक्ता नियुक्त नहीं किया है।
इस कारण मंगलवार को एक बार सुनवाई फिर टल गई। दूसरे गवाह रवींद्र पुरी जिरह के लिए कोर्ट रूम में उपस्थित हुए। लेकिन, जिरह करने के लिए कोर्ट में कोई भी आरोपित की ओर से अधिवक्ता नहीं था। इस पर जिरह का अवसर समाप्त करते हुए मुकदमे के अगले गवाह को तलब करने के लिए समन जारी करने का आदेश दिया।
महंत नरेंद्र गिरि को आत्महत्या करने के लिए उकसाने के आरोपित आनंद गिरि व संदीप तिवारी अलग-अलग जेल में बंद हैं। संदीप के बेटे आरोपित आद्या प्रसाद की जमानत अर्जी सुप्रीम कोर्ट ने पिछले सप्ताह स्वीकार कर लिया। मुकदमे की सुनवाई एससी एसटी के विशेष कोर्ट में चल रही है। |
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