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दूरी बढ़ गई, खर्च बढ़ गया फिर भी समय पर फिटनेस की गारंटी नहीं

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दूरी बढ़ गई, खर्च बढ़ गया फिर भी समय पर फिटनेस की गारंटी नहीं  

अरविंद / बोकारो : झारखंड सरकार के नए आदेश ने बोकारो समेत आसपास के जिलों के वाहन मालिकों की परेशानी बढ़ा दी है। अब बोकारो, गिरिडीह, चतरा, कोडरमा और रामगढ़ जिले के भारी वाहन मालिकों को अपने वाहनों का फिटनेस कराने के लिए हजारीबाग स्थित आटोमेटेड टेस्टिंग सेंटर जाना होगा। इससे पहले बोकारो में ही प्रत्येक माह लगभग छह सौ वाहनों का फिटनेस होता था। यहां तीन मोटर यान निरीक्षक (एमवीआइ) पदस्थापित भी हैं, लेकिन नए निर्देश के बाद वे भारी वाहनों का फिटनेस प्रमाण पत्र जारी नहीं कर पाएंगे।



वाहन मालिकों का कहना है कि हजारीबाग आने-जाने में लगभग तीन सौ किलोमीटर की दूरी तय करनी होगी। इससे डीजल का अतिरिक्त खर्च तो बढ़ेगा ही, साथ ही समय की भी भारी बर्बादी होगी। हजारीबाग का फिटनेस सेंटर नो-एंट्री क्षेत्र में पड़ता है, जिससे दिन में वहां पहुंचना आसान नहीं है। ऐसे में कई बार वाहन चालकों को रात में या अतिरिक्त समय लगाकर फिटनेस कराना पड़ेगा।

वाहन मालिकों की चिंता इस बात को लेकर भी है कि जिन जिलों को हजारीबाग एटीएस के लिए अधिकृत किया गया है। वहां हर माह लगभग दो हजार से अधिक वाहनों का फिटनेस होता है, जबकि हजारीबाग केंद्र की क्षमता मात्र एक हजार वाहनों की ही है। ऐसे में लंबी दूरी तय करने के बाद भी फिटनेस का नंबर वाहनों का आ पाएगा या नहीं, इसकी चिंता सता रही है।  



इस संबंध में राज्य परिवहन सचिव ने सभी जिलों के डीटीओ को पत्र भेजकर आदेश की जानकारी दी है। बताया गया है कि एमवीआइ को फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करने के लिए मिले सिस्टम को बंद किया जा रहा है। यह निर्णय केंद्रीय परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा केंद्रीय मोटर वाहन नियमावली 1989 के नियम 62 में किए गए संशोधन के तहत लिया गया है। नए प्रविधान के अनुसार परिवहन वाहनों का फिटनेस परीक्षण केवल स्वचालित परीक्षण केंद्रों के माध्यम से ही किया जाएगा। जहां ऐसे केंद्र पहले से संचालित हैं। वहां मैनुअल फिटनेस पूरी तरह बंद कर दिया गया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि वाहन मालिक किसी भी अधिकृत एटीएस में फिटनेस कराने के लिए स्वतंत्र हैं। इस फैसले के विरोध में चास बोकारो ट्रक आनर वेलफेयर एसोसिएशन ने परिवहन आयुक्त को पत्र लिखकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया है। संगठन ने मांग की है कि जब तक बोकारो में स्वचालित टेस्टिंग सेंटर शुरू नहीं हो जाता, तब तक मैनुअल फिटनेस की अनुमति दी जाए।



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वर्जन:

मुख्यालय से आदेश प्राप्त हुआ है। उसी के अनुसार कार्य किया जा रहा है। आदेश के तहत फिलहाल ऑटो रिक्शा के साथ-साथ ट्रैक्टर-टेलर, रोलर, जेसीबी, क्रेन जैसे धीरे चलने वाले वाहनों का ही फिटनेस किया जाएगा। इसे कुछ दिनों में शुरू करने की संभावना है। बाकी वाहनों का लॉगिन लॉक कर दिया गया है।

- केके सिंह, एमवीआइ, बोकारो

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वर्जन:

इस आदेश से वाहन मालिकों को भारी परेशानी हो रही है। राज्य परिवहन मुख्यालय से आग्रह किया गया है कि बोकारो में ऑटोमेटेड सेंटर खुलने तक मैनुअल फिटनेस की अनुमति दी जाए। हजारीबाग जाने में तीन सौ किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी हो रही है।

— महेश ब्रह्मचारी, प्रवक्ता, चास बोकारो ट्रक आनर वेलफेयर एसोसिएशन
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