पंचायतों में शुरू होगा राजस्व महा अभियान
राज्य ब्यूरो, पटना। पिछले वर्ष अगस्त-सितंबर में चले राजस्व महा अभियान के दौरान शिविर लगाकर लिए गए किसानों के आवेदनों के अंतिम निबटारे के लिए 26 जनवरी से पंचायत स्तर पर एक और अभियान शुरू हो रहा है। उप मुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने दावा किया है कि पंचायत शिविरों में विवादित मामलों का निबटारा आन द स्पाट किया जाएगा। पिछले अभियान के दौरान मिले कुल 46 लाख में से 40 लाख आवेदन परिमार्जन से संबंधित हैं। इनके निष्पादन से रैयतों का अभिलेख अपडेट होगा और उन्हें सरकारी सुविधाएं मिलने के साथ ही विभाग को भूमि सर्वेक्षण में भी आसानी होगी।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि इस साल के 31 मार्च तक सभी प्राप्त आवेदनों का निबटारा कर दिया जाएगा।
अविवादित मामलों का जिला मुख्यालय में निष्पादन होगा। उन्होंने गुरुवार को बताया कि इसके साथ ही जमीन की मापी के लिए भी महा अभियान चलता रहेगा। दोनों के बीच समन्वय की जिम्मेवारी सीओ को दी गई है।
महा अभियान की सफलता के लिए विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल की ओर से प्रमंडलीय आयुक्तों, जिलाधिकारियों, अपर समाहर्ताओं, भूमि सुधार उप समाहर्ताओं और अंचल अधिकारियों को पत्र जारी कर दिया गया है।
पत्र में कहा गया है पिछला अभियान डिजिटल जमाबंदी में त्रुटियों के सुधार, छूटी हुई जमाबंदियों को आनलाइन करने, उत्तराधिकार नामांतरण और बंटवारा नामांतरण को आसानी से करने के उद्देश्य से किया गया था।
शिविर में पिछले अभियान के दौरान प्राप्त सभी आवेदनों की जिलावार, अंचलवार एवं हल्कावार आनलाइन प्रविष्टि अनिवार्य होगी।
शिविर में क्या होगा?
परिमार्जन से जुड़े लगभग 40 लाख मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित किया जाएगा। आवेदनों को अविवादित एवं विवादित श्रेणियों में विभाजित किया गया है। अविवादित मामलों का निष्पादन जिला मुख्यालय स्तर पर किया जाएगा।
शिविरों में मौके पर ही सुनवाई, अभिलेखों का सत्यापन और आदेश पारित करने की व्यवस्था रहेगी। इसके लिए सरकारी लैपटाप के उपयोग के साथ दक्ष कंप्यूटर सहायक एवं डाटा एंट्री ऑपरेटरों की तैनाती की जाएगी। एक ही परिवार या खाताधारी से संबंधित मामलों का एकसाथ निबटारा होगा।
भूमि मापी अभियान समानांतर चलेगा। अंचल अधिकारी शिविर आयोजन और अमीनों के कार्यों में समन्वय स्थापित करेंगे।
समय-सारणी के अनुसार, नोटिस निर्गत करने से लेकर सुनवाई, अभिलेख प्रस्तुतीकरण और सकारण आदेश पारित करने की पूरी प्रक्रिया अधिकतम 45 दिनों में पूर्ण की जाएगी। |
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