रिश्वतखोरी के मामले में विजिलेंस के हत्थे चढ़ने वाले कखड़ी सर्कल के रेवेन्यू इंस्पेक्टर। (जागरण)
संवाद सहयोगी, कटक। एक म्यूटेशन केस में आवेदनकारी के सपक्ष में रिपोर्ट देने के लिए 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगने वाले कटक सदर कखड़ी सर्कल के रेवेन्यू इंस्पेक्टर जानकी रंजन मलिक विजिलेंस के हत्थे चढ़ गए हैं।
विजिलेंस की टीम ने उन्हे रंगे हाथ दबोच लिया। 10 हजार रुपये की रिश्वत राशि भी उनके पास से बरामद की गई है। मिली जानकारी के अनुसार, कटक सदर तहसील कखड़ी सर्कल में कार्य करने वाले रेवेन्यू इंस्पेक्टर यानी आरआई जानकी रंजन मलिक गुरुवार को एक जमीन मालिक से 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते समय विजिलेंस ने उन्हें दबोच लिया।
जमीन मालिक के सपक्ष में रिपोर्ट देने के लिए वह इस रकम की मांग किए थे। जमीन मालिक ने जमीन पट्टा के लिए ऑनलाइन में आवेदन किया था। उसके चलते आरआई को रिपोर्ट देना था। 27 जनवरी को म्यूटेशन केस की सुनवाई होनी थी।
ऐसे में 20 जनवरी को जमीन मालिक को आरआई कार्यालय में बुलाया गया था। जहां पर उनकी सपक्ष में रिपोर्ट देने के लिए मलिक ने जमीन मालिक से 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगा था। लेकिन 10 हजार रुपये की रिश्वत देने में सक्षम न होने वाले जमीन मालिक लाचार होकर आखिर में इसके बारे में विजिलेंस में शिकायत किया था।
शिकायत के आधार पर मलिक को दबोचने के लिए विजिलेंस की ओर से जाल बिछाया गया था और उसी के तहत जब वह 10 हजार रुपये की रिश्वत रकम जमीन मालिक से ले रहे थे।
तभी विजिलेंस की टीम ने उन्हें रंगे हाथ दबोच लिया और उनके पास से केमिकल से रंगी वह रिश्वत की रकम भी बरामद की गई है।
रिश्वतखोरी के इस मामले में उन्हे हिरासत में लेने के बाद उनके अन्य तीन ठिकानों पर विजिलेंस टीम की ओर से छापेमारी की जा रही है। आय से अधिक संपत्ति रखने की दिशा में विजिलेंस की टीम अधिक छानबीन कर रही है।
इसको लेकर कटक विजिलेंस की ओर से 3 /2026, अंडर सेक्शन 7 पीसी अमेंडमेंट 2018 के तहत एक मामला दर्ज करते हुए घटना की अधिक छानबीन की जा रही है। यह सूचना विजिलेंस की ओर से दी गई है । |
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