जागरण संवाददाता, उन्नाव। सदर क्षेत्र के दरियाईखेड़ा निवासी शिव जायसवाल के घर नकदी-जेवर चोरी चोरी करने वाले आरोपित की बहन द्वारा पुलिस पर गलत तरीके से कोतवाली के पुरुष लाकअप में रखकर प्रताड़ित करने के लगाए गए आरोप मामले में हाईकोर्ट की सख्ती के बाद एसपी ने उस समय लाइन हाजिर किए गए दोनों सिपाहियों के अलावा एक महिला दारोगा को भी गुरुवार को निलंबित कर दिया। चर्चा है कि इन पुलिस कर्मियों पर और बड़ी कार्रवाई भी हो सकती है।
सदर क्षेत्र के मुहल्ला दरियाईखेड़ा कब्बाखेड़ा निवासी शिव जायसवाल ने सात अगस्त 2025 को कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उन्होंने घर में टाइल्स लगवाने का कार्य ठेकेदार लोकनगर निवासी संदीप व सचिन को दिया था। काम के दौरान 10 हजार रुपये व लाखों कीमत की ज्वैलरी दोनों ने पार कर दी। संदीप ठेकेदार ने चोरी की बात स्वीकार करते हुए सचिन को भी इसमें शामिल बताया। संदीप ने कुछ सामान बेचने व अन्य जेवर मां राजेंद्री के पास रखे होने की बात कही थी।
दर्ज कराई थी रिपोर्ट
सात अगस्त पुलिस ने तहरीर के आधार पर संदीप उसकी मां राजेंद्री व दोस्त सचिन पर रिपोर्ट दर्ज की थी। आरोपित संदीप की बहन रूबी सिंह ने इसी मामले में हाईकोर्ट लखनऊ पीठ में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि कोतवाली पुलिस ने पांच से आठ अगस्त के बीच पूछताछ के दौरान मानसिक प्रताड़ित किया।
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सात अगस्त 2025 की रात अवैध रूप से रात में लाकअप में रखा। पुलिस कर्मियों ने उस पर अभद्र टिप्पणी कर प्रताड़ना दी। 10 हजार रुपये लेकर उसके दो स्वजन को छोड़ा। सिपाहियों का व्यवहार पुलिस आचरण के खिलाफ होने से एसपी ने 17 दिसंबर 2025 को पुलिस कर्मी संजय भाठी व अर्पित को लाइन हाजिर किया था।
कोर्ट ने पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई को हल्के और लापरवाह रवैये वाला बताया था। इसी मामले में हाईकोर्ट की सख्ती के बाद एसपी जयप्रकाश सिंह ने लाइन हाजिर दोनों सिपाही संजय भाठी व अर्पित के अलावा महिला दारोगा उमा अग्रवाल को निलंबित कर दिया। एसपी ने बताया कि कार्य व्यवहार में लापरवाही बरतने पर दारोगा व दो सिपाहियों को निलंबित किया गया है। |
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