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सेक्टर 150 स्थित घटना स्थल पर मुआवना करती एसआईटी की टीम ।
जागरण सांवाददाता, ग्रेटर नोएडा। सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गठित एसआईटी की टीम बृहस्पतिवार को दूसरी बार सेक्टर 150 स्थित घटनास्थल पहुंची। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह व जिलाधिकारी मेधा रूपम के बिना ही एसआईटी ने जांच की। दोनों अधिकारियों से दूरी बनाकर रखी। एसआईटी की टीम ने घटना स्थल का जायजा लेने के साथ ही मौके पर मौजूद पुनिस अधिकारियों से सवाल-जवाब किए।
सड़क पर स्थित ब्रेकर से लेकर गाड़ी गिरने तक की जगह का नक्शा मार्क किया। अधिकारियों से उस रात के बारे में पूरे घटनाक्रम की पूरी जानकारी ली। जिसमें घटना के बाद डायल 112 पर मिली सूचना, सूचना के बाद पुलिस के घटना स्थल पर पहुंचने का समय, पुलिस के पहुंचने के बाद बचाव में किए उपाय, अन्य बचाव दल को दी सूचना, पर्याप्त संसाधन के साथ अन्य बिंदू संबंधित अधिकारियों से तर्क-वितर्क किए।
फोरेंसिक जांच टीम शाम को करीब सवा छह बजे घटना स्थल पहुंची और छह बजकर 40 मिनट पर नोएडा के लिए रवाना हो गई। इससे पहले मेरठ के एडीजी भानु भास्कर की अध्यक्षता में गठित एसआईटी ने मंगलवार को घटना स्थल का दौरा किया था।
उस दौरान भी एसआईटी की टीम ने पुलिस, एनडीआरएफ व दमकल कर्मियों के बयान लिए थे। संबंधित अधिकारियों ने घने कोहरे के कारण शून्य दृश्यता, बेसमेंट में पानी के अंदर सरिया और बचाव के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं होने का तर्क दिया है। एसआईटी के निरीक्षण के दौरान इस दौरान ज्वाइंट सीपी राजीव नारायण मिश्रा, डीसीपी ग्रेटर नोएडा सादमियां खान, एडीएम समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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