जानें 7 तरह की ईयर पियरसिंग और सही जूलरी (Picture Credit- AI Generated)
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। ईयर पियरसिंग अब सिर्फ ईयर लोब तक ही सीमित नहीं है। इसके साथ काफी सारे प्रयोग किए जा रहे हैं। अब लोग कान के कई हिस्सों में पियरसिंग करवा रहे हैं। ऐसे में पियरसिंग के लिए जूलरी के कई सारे ऑप्शन भी हैं। आइए जानते हैं ईयर पियरसिंग कितने तरह की होती है और किस हिस्से के लिए कौन-सी जूलरी बेस्ट होगी।
लोब
यह कान छिदवाने का सबसे पारंपरिक टाइप है। यह कान के सबसे निचले और मुलायम हिस्से में की जाती है। इस हिस्से में पियरसिंग करवाने में मामूली-सा दर्द होता है। इसके लिए आप स्टड, हूप या डैंगल्स चुन सकते हैं।
अपर लोब
यह लोब से थोड़ा ऊपर किया जाता है। यदि आपने कई सारी पियरसिंग पहले से ही करा रखी है तो उसके लिए एक अच्छा ऑप्शन है। इस हिस्से के लिए स्टड, छोटे हूप और लटकती हुई बालियां ले सकते हैं।
स्टेक्ड लोब
इसमें कान के निचले हिस्से में कई सारी पियरसिंग की जाती है। यह सितारों के एक ग्रुप जैसा लगता है। लेकिन एक ही बार में सारी पियरसिंग कराने से दर्द ज्यादा हो सकता है। इस तरह की पियरसिंग में छोटे आकार के स्टड ही बेहतर लुक देते हैं।
हेलिक्स
यह कान के सबसे ऊपरी हिस्से में कार्टिलेज में होता है, जो कि बाहर की तरफ उभरा रहता है। लोब पियरसिंग के बाद यह हिस्सा पियरसिंग के लिए सबसे कॉमन है। इसके लिए छोटे हूप या सपाट बैक वाले स्टड बेहतर ऑप्शन हैं।
फॉर्वर्ड हेलिक्स
यह कान के ऊपरी हिस्से में सामने की ओर की जाने वाली पियरसिंग है। यह हिस्सा चेहरे के काफी पास होता है। इसके लिए बेहद छोटे हूप्स ज्यादा सुंदर लुक देंगे।
कोंच पियरसिंग
कोंच कान के कार्टिलेज का अंदरूनी हिस्सा है जोकि शंख के आकार का नजर आता है। इस हिस्से के लिए छोटे स्टड या ऐसे हूप चाहिए जोकि कान के बाहर तक चला जाएं।
डैथ पियरसिंग
यह कार्टिलेज का मोटा वाला हिस्सा है जोकि हेलिक्स के नीचे की तरफ होता है। इसे करवाने में दर्द ज्यादा होता है, लेकिन ये अच्छे दिखते हैं। इसमें क्लिक वाले हूप ज्यादा खूबसूरत नजर आते हैं।
पियरसिंग के लिए चुनें ये जूलरी
न सिर्फ जूलरी का डिजाइन या स्टाइल, बल्कि वो किस मटेरियल का बना है, सबसे ज्यादा मायने रखता है। इन मटेरियल्स से बनी जूलरी पियरसिंग के लिए सुरक्षित मानी जाती हैं।
- सर्जिकल स्टील: डॉक्टर्स इस मटेरियल का इस्तेमाल सर्जिकल इम्प्लांट जैसे घुटनों के इम्प्लांट में करते हैं।
- टिटेनियम: यह हल्के वजन का मैटल होता है, जो कि इम्प्लांट में इस्तेमाल होता है। यह कई रंगों में भी आता है।
- गोल्ड: पियरसिंग के लिए 14 या 18 कैरेट की गोल्ड जूलरी चुनें। कभी भी गोल्ड प्लेटेड जूलरी का इस्तेमाल ना करें। वरना इंफेक्शन का खतरा रहता है।
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