जागरण संवाददाता, अमेठी। प्रदेश में ग्राम पंचायतों को उनके उत्कृष्ट विकास कार्यों के लिए सम्मानित किया जाएगा। इस प्रक्रिया के तहत पांच ग्राम पंचायतों को पुरस्कृत किया जाएगा। यह पुरस्कार पंचायतों की ओर से किए गए विकास कार्यों के आधार पर दिया जाएगा। केवल वे पंचायतें ही इस पुरस्कार की हकदार होंगी, जो मानकों पर खरी उतरेंगी। इसके लिए प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है।
पंचायती राज विभाग ने मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाली पंचायतों के प्रधानों से आवेदन मांगे थे। विभाग को 107 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनका सत्यापन जिला स्तर पर नामित अधिकारियों की ओर से किया जा रहा है। इसके बाद प्रदेश स्तर पर गठित कमेटी सत्यापन कर पंचायतों का चयन करेगी।
जिले में कुल 682 ग्राम पंचायतें
जिले में कुल 682 ग्राम पंचायतें हैं, जिनमें विकास के लिए करोड़ों रुपये आवंटित होते हैं। हालांकि कई पंचायतें विकास कार्यों के निर्धारित मानकों के अनुसार कार्य नहीं करतीं, जिससे उनकी पहचान प्रदेश स्तर पर नहीं बन पाती। लेकिन, कुछ पंचायतें हर वर्ष अपनी उत्कृष्टता के लिए जानी जाती हैं।
मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना के तहत हर जिले की पांच पंचायतों को सम्मानित किया जाता है। चयन का आधार पंचायतों में कराए गए विकास कार्य होते हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों को प्रोत्साहित करना है। सत्यापन के बाद पंचायतों के नाम प्रदेश स्तरीय कमेटी को भेज दिए गए हैं। जिसके मूल्यांकन के बाद ही पुरस्कार के लिए चयनित किया जाएगा।
इन पंचायतों ने किया है आवेदन
ब्रम्हनी, मोहब्बपुर, छतहुआ, जमालपुर रामपुर, खरगपुर, सराय माधौ, कठौरा, लोहंगपुर , पनियार, सिरियारी, निहालपुर सहित 107 ग्राम पंचायतों ने आवेदन किया है। जिनमें सात का चयन कर उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया है।
इन निर्धारित विंदुओं पर होगा सत्यापन
आत्मनिर्भर बुनियादी ढांचा, स्वच्छता, महिला हितैषी, सुशासन, सामाजिक सुरक्षा, पानी की उपलब्धता, बाल मैत्री गांव, स्वस्थ गांव, गरीबी मुक्त गांव, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना में पात्र लाभार्थियों की स्थिति, हेल्पलाइन, टीकाकरण, जनसेवा केंद्र की स्थापना, आश्रय स्थल, पंचायत की आय आदि शामिल हैं।
107 ग्राम पंचायतों के आवेदन पुरस्कार योजना के लिए आए हैं। सात ग्राम पंचायतों के सत्यापन का कार्य पूरा कर लिया गया है। इसके बाद प्रदेश स्तर पर गठित टीम की ओर से सत्यापन होगा। उसके पश्चात पांच ग्राम पंचायतों का चयन पुरस्कार के लिए किया जाएगा। - मनोज कुमार त्यागी, डीपीआरओ |