LHC0088 • 3 hour(s) ago • views 764
Bihar Makhana : गणतंत्र दिवस के लिए बनी मखाना की झांकी।
जागरण संवाददाता, दरभंगा । बिहार का मखाना अब सिर्फ स्थानीय जगहों तक ही सीमित नहीं रहा। पारंपरिक व्यंजनों में स्वाद और स्वास्थ्य दोनों का खजाना साबित होने वाला यह सुपरफूड अब अंतरराष्ट्रीय मार्केट में भी अपना जलवा बिखेर रहा है। पोषण से भरपूर, हल्का और क्रंची मखाना अब लोकल किचन से ग्लोबल प्लेट्स तक की अपनी यात्रा पूरी कर चुका है, और इसे खाकर पूरी दुनिया इसे सुपरहिट सुपरफूड के तौर पर पहचानने लगी है।
चयनित झांकियों में बिहार से मखाना का चयन
गणतंत्र दिवस समारोह में रक्षा मंत्रालय के स्तर से आयोजित भारत पर्व के अंतर्गत राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की चयनित झांकियों में बिहार से मखाना के चयन पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने प्रसन्नता व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि मिथिलांचल के पारंपरिक पोखरों से निकलकर मखाना आज दुनिया की थाली तक पहुंच चुका है, जो आत्मनिर्भर बिहार की सशक्त पहचान है।
उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्रालय की ओर से आयोजित भारत पर्व 2026 में बिहार की झांकी ने राज्य की सांस्कृतिक विरासत और आर्थिक सामर्थ्य को प्रभावशाली रूप से प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि बिहार की झांकी का थीम है।
मखाना लोकल से ग्लोबल तक।
भारत पर्व के तहत देश की सांस्कृतिक, आर्थिक और सामाजिक विविधताओं को झांकियों, हस्तशिल्प, खानपान और परंपराओं के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जीआई टैग से मिली वैश्विक पहचान, महिला सहभागिता की मजबूत भूमिका और किसानों के अथक परिश्रम ने मखाना को एक अंतरराष्ट्रीय सुपरफूड के रूप में स्थापित किया है।
यह झांकी न केवल बिहार की प्रगति को दर्शाएगी, बल्कि भारत की वैश्विक पहचान को भी और अधिक सुदृढ़ करेगी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि बिहार की झांकी यह संदेश देती है कि परंपरा, कड़ी मेहनत और इनोवेशन के संगम से स्थानीय आजीविका को एक ग्लोबल पहचान दी जा सकती है। यह झांकी हमारी विरासत और उद्यमिता का संगम है।
उन्होंने कहा कि यह झांकी इस संदेश को भी परिलक्षित करता है कि \“ एक भारत श्रेष्ठ भारत \“ की भावना के साथ स्थानीय उत्पादों को नवाचार के जरिए विश्व स्तर पर पहचान दिलाई जा सकती है।
वहीं समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी ने कहा कि यह बिहार के लिए गौरव की बात है। बिहार के मखाना की पहचान विश्व स्तर पर जानी जाती है। प्रधानमंत्री ने 26 जनवरी की झांकी में इसे शामिल कर वैश्विक पटल पर मखाना को स्थापित करने का काम किया है। इससे मखाना का प्रचार- प्रसार में काफी बढ़ोतरी होगी। |
|