डिमापुर-कोहिमा रेल लाइन: नागालैंड को मिलेगी राष्ट्रीय कनेक्टिविटी, 2029 तक पूरा होगा काम (AI Generated Image)
संवाद सहयोगी, कटिहार। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे द्वारा रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण डिमापुर (धनसिरी)-कोहिमा (ज़ुब्जा) नई रेल लाइन परियोजना का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने के बाद पहली बार नागालैंड की राजधानी कोहिमा राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से सीधे जुड़ जाएगी।
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कपिंजल किशोर शर्मा ने बताया कि यह परियोजना पूर्वोत्तर क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी को सशक्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। 78.42 किलोमीटर लंबी यह परियोजना असम के कार्बी आंगलांग जिले तथा नागालैंड के चुमुकेडिमा और कोहिमा जिलों से होकर गुजरती है।
इस रेल लाइन में धनसिरी, धनसिरीपार, शोखुवि, मालवाम, फेरिमा, पिफेमा, मेंगुजुमा और ज़ुब्जा सहित कुल आठ स्टेशन प्रस्तावित हैं, जिनमें धनसिरी, शोखुवि और मालवाम स्टेशन का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। परियोजना में अत्यंत जटिल इंजीनियरिंग कार्य शामिल हैं।
कुल 31,169 मीटर लंबाई की 20 सुरंगों के साथ 27 बड़े और 149 छोटे पुलों का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें से अधिकांश संरचनात्मक कार्य पूरे किए जा चुके हैं। इस परियोजना के अंतर्गत अक्टूबर 2021 में धनसिरी-शोखुवि सेक्शन (16.5 किमी) तथा मार्च 2025 में शोखुवि-मालवाम सेक्शन (14.64 किमी) को चरणबद्ध रूप से चालू किया गया।
फिलहाल शोखुवि से नियमित ट्रेन सेवाएं संचालित हो रही हैं, जो इसे असम के गुवाहाटी और अरुणाचल प्रदेश के नाहरलगुन से जोड़ती हैं। मालवाम स्टेशन के चालू होने के साथ यह नागालैंड का तीसरा प्रमुख रेलवे स्टेशन बन गया है। जहां से सितंबर 2025 से माल परिवहन भी प्रारंभ हो चुका है।
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि यह नई रेल लाइन शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बाजारों तक पहुंच को आसान बनाएगी तथा सड़क परिवहन पर निर्भरता को कम करते हुए क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति देगी। शेष कार्य जारी है और पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने वर्ष 2029 तक डिमापुर-कोहिमा (ज़ुब्जा) रेल लाइन को पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जो क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि साबित होगी। |