प्लांट हादसे के परिजनों से मिलते जीतनराम मांझी। फोटो जागरण
संवाद सूत्र, डुमरिया (गया)। केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने शुक्रवार को डुमरिया प्रखंड के गोटीबांध गांव पहुंचकर सभी पीड़ित परिवारों को केंद्र व राज्य सरकार से उचित मुआवजा दिलाने क भरोसा दिया।
उन्होंने कहा कि यह एक दुखद घटना है। छतीसगढ़ की सरकार ने प्रत्येक परिवार को 10-10 लाख रुपये देने का आश्वासन दिया है। मृतक परिवार वालों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी 10-10 लाख रुपये दिलाया जाएगा। मंत्री Jitan Ram Manj ने पीड़ित परिवार से मिलकर सांत्वना दी।
सरकारी सुविधाओं के अभाव में जी रहा परिवार
इस दौरान एक मृतक की बहू बिलोती कुमारी ने बताया कि हमारे ससुर दस दिन पहले कमाने के लिए गए थे। 20 परिवारवालों को राशन कार्ड में नाम नहीं है, जिससे राशन नहीं मिलता है। इस कारण से घर के मुखिया काम की तलाश में छतीसगढ़ गए थे।
वह बताती हैं कि प्लास्टिक और फूस की झोपड़ी में पीड़ित परिवार रहने को विवश है। वहीं, मनोरमा देवी ने बताया कि पीने के लिए सरकारी चापाकल तक नहीं है। किसी तरह दूसरे के चापाकल से पानी लाकर पीते हैं। सीता देवी व अस्मिता कुमारी रो-रोकर बेहाल हो रही थीं।
उधर, विनय भुइया व कोशल्या देवी ने बताया कि पांचों गोतीया के परिवार से 12 लोग छतीसगढ़ गए थे। घटना के बाद भी जिला प्रशासन का दिल पिघला। पीड़ित परिवार को परिवारिक लाभ शुक्रवार की देर शाम तक नहीं मिला है।
पीड़ित परिवार से मिलने शेरघाटी अनुमंडल पदाधिकारी मनीष कुमार, जिला पार्षद रविंद्र राम, भाजपा नेता संजीव पाठक भी पहुंचे थे। गौरतलब है कि गुरुवार को छत्तीसगढ़ के रियल इस्तात संयंत्र में हुए हादसे में गोटीबांध के छह लोगों की मौत हो गई थी।
बता दें कि छत्तीसगढ़ के स्टील प्लांट में हुए भीषण हादसे ने गया जिले 6 मजदूरों की मौत हो गई। यह हादसा एक स्टील प्लांट में स्लैग (गर्म राख) गिरने से हुआ। हादसे के वक्त फैक्ट्री में बड़ी संख्या में मजदूर काम कर रहे थे।
अचानक हुए ब्लास्ट के बाद चारों ओर अफरा-तफरी मच गई। कई मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने छह मजदूरों को मृत घोषित कर दिया।
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