सांकेतिक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, अलीगढ़। धनीपुर विकास खंड में प्रस्तावित करीब चार करोड़ रुपये की लागत से कराए जाने वाले 39 विकास कार्यों के टेंडर एक बार फिर निरस्त कर दिए गए हैं। इससे पहले भी पिछले कुछ महीनों में ब्लॉक के विकास कार्यों के टेंडर निरस्त हो चुके हैं। इससे क्षेत्र में विकास कार्यों की रफ्तार पर सवाल खड़े हो गए हैं।
बीडीओ कार्यालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार क्षेत्र पंचायत धनीपुर में विभिन्न मदों से कराए जाने वाले कार्यों के लिए 27 जनवरी तक निविदाएं आमंत्रित की गई थीं, जबकि टेंडर बिक्री की तिथि 23 व 24 जनवरी निर्धारित थी। इसी बीच चुनाव आयोग द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान लागू कर दिया गया। इसके चलते ब्लाक में अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लग गई।
कम समय मिलने पर ठेकेदारों ने उठाए थे सवाल
बीडीओ ने निरस्तीकरण का कारण बताते हुए कहा है कि 23 जनवरी से तीन फरवरी तक अधिकारियों की तैनाती एसआईआर कार्य में होने के कारण टेंडर बिक्री, जमा व खोलने की प्रक्रिया संभव नहीं हो सकेगी। इसी वजह से सभी 39 निविदाओं को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है।
बीडीओ ने एसआईआर का दिया हवाला
हालांकि, इस कार्रवाई को लेकर ठेकेदारों में नाराजगी है। दो दिन पहले ही कई ठेकेदारों ने सीडीओ को शिकायत की थी कि उन्हें टेंडर प्रक्रिया के लिए बेहद कम समय दिया गया। उनका कहना था कि 23 व 24 जनवरी को टेंडर बिक्री रखी गई, जबकि 27 जनवरी तक ही फार्म जमा करने की अंतिम तिथि थी, जो व्यावहारिक नहीं है। ठेकेदारों का आरोप है कि बार-बार टेंडर निरस्त होने से न केवल उनकी तैयारी व खर्च बेकार जा रहा है, बल्कि क्षेत्र में जरूरी विकास कार्य भी लटकते जा रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि भविष्य में निविदा प्रक्रिया के लिए पर्याप्त समय दिया जाए और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
मेरी ड्यूटी एसआईआर अभियान में लगी हुई है। ऐसे में टेंडर प्रक्रिया को पूरा करना संभव नहीं है। इसी के चलते टेंडर को निरस्त कर दिया गया है। -
सुरेश चंद, खंड विकास अधिकारी, धनीपुर |