सनी का फाइल फोटो, नाले में गिरा ई-रिक्शा। वीडियो ग्रैब
जागरण संवाददाता, मेरठ। शुक्रवार को सदर थानाक्षेत्र के आबू नाले स्थित काठ के पुल के पास ई-रिक्शा नाले में गिरने से चालक की मौत हो गई। चालक सनी को आसपास के लोगों ने नाले से बाहर निकला। उसके बाद परिवार ने दयानंद अस्पताल में भर्ती किया। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
नाले पर बाउंड्री न होने से हादसे
इससे पहले भी आबूनाले में कार गिरने को दो घटनाएं हो चुकी है। स्थानीय लोगों ने बताया कि नाले पर बाउंड्री नहीं है, इसलिए आए दिन ऐसे हादसे होते हैं। हादसे में ई-रिक्शा के नीचे दबने और गंदे पानी में चालक डूब गया था।
पीड़ित परिवार ने पोस्टमार्टम करने से इन्कार कर दिया। पुलिस को लिखित में दिया गया है कि दौरा पड़ने से ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर नाले में पलट गई है। हालांकि परिवार का कहना है कि ई-रिक्शा फिसलने से नाले में पलटी है। अगर नाले पर दीवार होती तो शायद घटना नहीं हो पाती।
सदर बाजार के रजबन की खटीक कालोनी निवासी गुरदीप सिंह का बेटा सनी ई-रिक्शा चलाता था। सनी की पत्नी ज्योति और छह साल का बेटा चिराग है। मां दया व पत्नी ज्योति ने बताया की 20 साल पहले वसंत पंचमी के दिन पतंग उड़ाते हुए सन्नी छत से गिरा, जिस कारण उसके सिर में चोट आई थी। इसी वजह से उसे कभी-कभी दौरे पड़ते थे। परिवार में दो भाई थे। तीसरे व सबसे छोटे भाई यीशु की मौत हो चुकी है।
बारिश से ढलान पर ई-रिक्शा हुआ अनियंत्रित
शुक्रवार शाम करीब 5 बजे मौसम खराब होने के बाद वह बेगमपुल से सवारी उतारकर नाले की पटरी के रास्ते अपने घर लौट रहा था। काठ के पुल से आगे रजबन की ओर जाने वाली सड़क पर तीखी ढलान है। बारिश और खराब मौसम के बीच ढलान पर ई-रिक्शा अनियंत्रित हो गया। नाले के किनारे कोई सुरक्षा दीवार नहीं थी ऐसे में रिक्शा सीधे नाले में जा पलटा और सनी उसके नीचे दब गया। गनीमत रही कि रिक्शे में कोई सवारी नहीं थी।
परिवार ने किया कार्रवाई से इन्कार
सीओ नवीना शुक्ला ने बताया कि परिवार ने किसी भी कार्रवाई से इन्कार कर दिया था। इसी के चलते बिना पोस्टमार्टम कराए परिवार को शव सौंप दिया था। उनका कहना है कि दौरा पड़ने से ही ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर नाले में गिरा था। |