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किसी महिला नहीं, बल्कि एक तकनीक पर रखा गया था एमी अवॉर्ड्स का नाम; बड़ा ही दिलचस्प है किस्सा

deltin33 4 hour(s) ago views 492
  

25 जनवरी को आयोजित हुआ था पहला एमी पुरस्कार समारोह (Picture Courtesy: Instagram/ Facebook)



लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। टेलीविजन की दुनिया के सबसे बड़े सम्मान \“एमी अवॉर्ड्स\“ का इतिहास किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। आमतौर पर पुरस्कारों के नाम किसी महान शख्सियत के नाम पर रखे जाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एमी अवॉर्ड का नाम किसी व्यक्ति के नाम पर नहीं, बल्कि एक तकनीक के कारण पड़ा था?  

हालांकि, एक सवाल आपके मन में और आ रहा होगा कि हम इस बारे में क्यों आज क्यों बात कर रहे हैं, तो आपको बता दें कि 25 जनवरी ही वो तारीख है, जब पहले एमी अवॉर्ड समारोह का आयोजन किया था। इसी खास मौके पर चलिए जानते हैं कि एमी अवॉर्ड्स को उसका नाम कैसे मिला और किसने सबसे पहला एमी अवॉर्ड जीता था।

  

(Picture Courtesy: televisionacademy )
कैसे पड़ा \“एमी\“ नाम?

इसका नाम कैसे पड़ा यह जानने से पहले यह जानना जरूरी है कि इस अवॉर्ड समारोह की शुरुआत कैसे हुई। साल 1946 में हॉलीवुड के पहले टेलीविजन अकादमी  की स्थापनी की गई, जिसकी नींव सिड कैसिड ने रखी थी। 1947 में एडगर बर्गन इस अकादमी के पहले अध्यक्ष बने और अकादमी को पहचान दिलाने के लिए एक पुरस्कार समारोह का फैसला लिया गया, जो 25 जनवरी 1949 में आयोजित किया गया और तब से आज तक चला आ रहा है।  

हालांकि, इस अवॉर्ड के नाम को लेकर काफी मंथन हुआ। अकादमी के संस्थापक सिड कैसिड ने पहले टीवी ट्यूब के नाम पर इसे \“आइक\“ कहने का सुझाव दिया, लेकिन उस समय जनरल ड्वाइट डी आइजनहावर इस नाम से बहुत मशहूर थे, इसलिए इसे खारिज कर दिया गया।

इसके बाद \“इमेज ऑर्थीकॉन ट्यूब\“ (टीवी की एक तकनीक) को सम्मान देने के लिए इसका नाम \“इमी\“ रखने का विचार हुआ। बाद में इसे बदलकर \“एमी\“ कर दिया गया, ताकि यह किसी महिला के नाम जैसा लगे और पुरस्कार की प्रतिमा पर फिट बैठ सके।

  

(Picture Courtesy: Getty Images)
कला और विज्ञान का संगम है यह ट्रॉफी

एमी की शानदार ट्रॉफी को 1948 में एक टेलीविजन इंजीनियर लुईस मैकमैनस ने डिजाइन किया था। उन्होंने इसके लिए अपनी पत्नी डोरोथी को मॉडल बनाया। यह डिजाइन टीवी की कला और विज्ञान दोनों का मेल है। इसके पंख कला की देवी के प्रतीक हैं। और हाथ में गोला परमाणु को दर्शाता है, जो टीवी की साइंस और टेक्नोलॉजी का प्रतीक है।
साढ़े 5 घंटे की मेहनत और 4 धातुएं

शिकागो की एक कंपनी में हर एक एमी ट्रॉफी को बड़ी बारीकी से तैयार किया जाता है। एक ट्रॉफी बनाने में लगभग साढ़े पांच घंटे का समय लगता है। इसे बनाने में तांबा, निकल, चांदी और सोने की परत का इस्तेमाल किया जाता है। एक स्टैचू का वजन करीब 3 किलो होता है और इसे बनाने की लागत लगभग 400 डॉलर आती है। अगर किसी बड़ी टीम के सभी सदस्य अलग ट्रॉफी चाहते हैं, तो अकादमी इसके लिए अतिरिक्त शुल्क भी लेती है।
पहला समारोह: केवल 5 डॉलर का टिकट

25 जनवरी 1949 को आयोजित पहला एमी समारोह आज की तरह भव्य नहीं था। उस समय टिकट की कीमत मात्र 5 डॉलर थी और पूरे कार्यक्रम में सिर्फ 6 अवॉर्ड दिए गए थे। पहला एमी अवॉर्ड 20 साल की शर्ली डिन्सडेल को उनके कठपुतली शो के लिए मिला था। दिलचस्प बात यह है कि ट्रॉफी डिजाइन करने वाले लुईस मैकमैनस को भी पहले समारोह में खास सम्मान दिया गया।

  

(Picture Courtesy: Facebook
रिकॉर्ड्स के बादशाह

एमी के इतिहास में \“सैटरडे नाइट लाइव\“ शो का दबदबा रहा है। इस शो ने अब तक 84 से ज्यादा जीत हासिल की है, जो किसी भी शो के लिए सबसे ज्यादा है। वहीं, इसके क्रिएटर लोनें माइकल्स 107 नॉमिनेशन के साथ सबसे ज्यादा नॉमिनेट होने वाले व्यक्ति हैं।
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