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पुरानी दिल्ली के बाजारों में अतिक्रमण को लेकर व्यापारियों में आक्रोश, 27 जनवरी को होगी बड़ी बैठक

LHC0088 8 hour(s) ago views 937
  

सदर बाजार कुतुब रोड पर रेहड़ी पटरी का अतिक्रमण। जागरण आर्काइव



नेमिष हेमंत, नई दिल्ली। पुरानी दिल्ली के थोक बाजारों में अवैध रेहड़ी-पटरी वालों के अतिक्रमण की समस्या को लेकर व्यापारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। उनके अनुसार, चिंताजनक स्थिति यह है कि सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट के कई आदेश तथा जनप्रतिनिधियों का दबाव भी एमसीडी व दिल्ली पुलिस की कार्य प्रणाली में सुधार नहीं ला पा रहा है।
100 से अधिक थोक बाजार संगठनों के वरिष्ठ पदाधिकारियों की बैठक

ऐसे में व्यापारी अब खुद मोर्चा संभालने सड़कों पर उतरने को गंभीरता से विचार कर रहे हैं। इस क्रम में गणतंत्र दिवस के अगले दिन 27 जनवरी को पुरानी दिल्ली के कारोबारी संगठनों ने एक बड़ी बैठक बुलाई है, जिसमें 100 से अधिक संगठनों के प्रतिनिधियों के उपस्थित रहने का अनुमान है।

दिल्ली व्यापार महासंघ (डीवीएम) के अध्यक्ष देवराज बवेजा के अनुसार, पुरानी दिल्ली के बाजारों में अतिक्रमण की समस्या के विरूद्ध सुप्रीम कोर्ट तक के कई आदेश आ चुके हैं। मसलन, सदर बाजार में कोर्ट के आदेश के उल्लघंन का भी मामला भी अब कोर्ट में चल रहा है, जिसमें सदर बाजार की सड़कों को रेहड़ी-पटरी मुक्त घोषित करते हुए वहां से अतिक्रमण हटाने के उसके आदेश का पालन नहीं होना है।

  

वह कहते हैं कि अतिक्रमण कई अन्य समस्याओं को भी जन्म दे रहा है, जिसमें जाम, वायु प्रदूषण तथा छेड़छाड़, जेब कटने व सामान चोरी होेने के अपराध भी है।

अतिक्रमण का यह समस्या चांदनी चौक मामले में भी है। जिसे लेकर पिछले वर्ष 15 अगस्त से ठीक पहले चांदनी चौक मुख्य मार्ग पर चांदनी चौक सर्व व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने पैदल मार्च निकाला था। साथ ही सड़क से लेकर फुटपाथ तक पर अतिक्रमण के विरूद्ध एमसीडी तथा दिल्ली पुलिस से कार्रवाई की मांग की थी।

यहां तक कि अधिकारी जनप्रतिनिधियों को भी नहीं सुन रहे हैं। कांग्रेस पार्टी के नेता व व्यापारी राहुल शर्मा के अनुसार, सांसद प्रवीन खंडेलवाल की जन बैठकों में एमसीडी, डूसिब समेत अन्य विभाग तक के अधिकारी नदारद रहते हैं। उनकी भी सुनवाई नहीं हो रही है। यह काफी चिंताजनक स्थिति है।

देवराज बवेजा के अनुसार, अभी तक चांदनी चौक, चावड़ी बाजार, मोरी गेट, सदर बाजार, खारी बावली, आजाद मार्केट, नया बाजार समेत अन्य बाजारों के कारोबारी संगठनों के पदाधिकारी बैठक में हाेंगे। जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी। धरना- प्रदर्शन, मार्च और बाजार बंद जैसे विकल्पों पर विचार किया जाएगा।

डीवीएम के उपाध्यक्ष राजेंद्र कपूर के अनुसार, यह समस्या गंभीर होती जा रही है, जिसके चलते व्यापार घटता जा रहा है। हमारी अगली पीढ़ी भी बाजार में आने से बचने लगी है। उधर, इस बैठक से पूर्व ही सदर बाजार के व्यापारियों ने चार मार्च को बाजार में अतिक्रमण के विरूद्ध विरोध मार्च निकालने की तैयारी की है।
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