वियना। भारत के ऑस्ट्रिया में राजदूत शंभू एस. कुमारन ने शुक्रवार को ऑस्ट्रियाई संसद के इंडिया फ्रेंडशिप ग्रुप के सदस्यों से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच बढ़ते संबंधों पर चर्चा की।
वियना स्थित भारतीय दूतावास/स्थायी मिशन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा, “राजदूत शंभू एस. कुमारन ने ऑस्ट्रियाई संसद के इंडिया फ्रेंडशिप ग्रुप के सदस्यों से मुलाकात की। इस बैठक में ऑस्ट्रिया की नेशनल काउंसिल के ग्रुप सदस्य एलिजाबेथ गोट्ज (द ग्रीन्स की अध्यक्ष), मिस्टर हेराल्ड सर्वस (ओवीपी), मिस्टर एंड्रियास मिनिच (ओवीपी), डॉ. एक्सल कासेगर (एफपीओ), गेरहार्ड कानियाक (एफपीओ) और यानिक शेट्टी (एनईओएस) शामिल हुए।”
दूतावास ने बताया कि बैठक में भारत और ऑस्ट्रिया के बीच मजबूत होते रिश्तों और व्यापार, पर्यावरण संरक्षण (सस्टेनेबिलिटी), नई तकनीक, आवाजाही, सप्लाई चेन को मजबूत बनाने जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के मौकों पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके अलावा सुरक्षा और रक्षा, अंतरिक्ष और उभरती हुई तकनीकों जैसे नए क्षेत्रों में भी साथ काम करने की संभावनाओं पर बातचीत हुई।
ऑस्ट्रिया के संघीय चांसलर क्रिश्चियन स्टॉर्कर ने अप्रैल में भारत का दौरा किया था। यह उनका भारत का पहला आधिकारिक दौरा था। इस यात्रा का उद्देश्य व्यापार, निवेश और नई तकनीकों जैसे अहम क्षेत्रों में दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत करना था।
अपनी भारत यात्रा के दौरान स्टॉर्कर ने कहा था कि द्विपक्षीय संबंधों और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की भूमिका महत्वपूर्ण है और नई दिल्ली की 'आवाज का काफी असर है।' उन्होंने कहा कि वह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बात से सहमत हैं कि सभी संघर्षों का समाधान बातचीत के जरिए ही निकाला जा सकता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ नई दिल्ली में हुई संयुक्त प्रेस वार्ता में स्टॉर्कर ने कहा कि वह नियमों पर आधारित विश्व व्यवस्था का समर्थन करते हैं, न कि ऐसी दुनिया का जहां 'ताकतवर की बात ही सही मानी जाए।'
उन्होंने अपनी भारत यात्रा को दोनों देशों के रिश्तों के लिए एक 'महत्वपूर्ण पड़ाव' बताया। उन्होंने कहा, “मेरी यात्रा भारत-ऑस्ट्रिया संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। मुझे खुशी है कि मैं 40 साल से ज्यादा समय बाद भारत आने वाला पहला ऑस्ट्रियाई संघीय चांसलर हूं। प्रधानमंत्री मोदी ने 2024 की गर्मियों में वियना का दौरा किया था। पिछले 75 साल से हमारे कूटनीतिक संबंध हैं और आज ये पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हैं। हम इस सकारात्मक गति को आगे बढ़ाने की कोशिश करेंगे।”

Deshbandhu
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