मुंबई/ नई दिल्ली: अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। फिल्म को हाल ही में बिना किसी बड़े प्रचार के ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 पर रिलीज किया गया था, लेकिन रिलीज के महज दो दिन बाद ही इसे प्लेटफॉर्म से हटा लिया गया। अब इस पूरे मामले पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर से कारण स्पष्ट किया गया है। मंत्रालय के अनुसार, फिल्म आवश्यक नियामकीय प्रक्रिया पूरी किए बिना ओटीटी पर उपलब्ध कराई गई थी, जिसके कारण इसे हटाने की कार्रवाई की गई।
मंत्रालय ने सर्टिफिकेशन प्रक्रिया का हवाला दिया
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि फिल्म के पास थिएटर में रिलीज के लिए आवश्यक प्रमाणन (सर्टिफिकेशन) उपलब्ध नहीं था। अधिकारी के मुताबिक, संबंधित प्रमाणन प्राधिकरण ने फिल्म में लगभग 100 कट लगाने की सिफारिश की थी। मंत्रालय का कहना है कि इन संशोधनों को लागू करने के बजाय निर्माताओं ने फिल्म का नाम बदलकर ‘सतलुज’ रखा और उसे सीधे ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज कर दिया। मंत्रालय के अनुसार, यह कदम सूचना प्रौद्योगिकी (इंटरमीडियरी गाइडलाइंस एंड डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) नियम, 2021 के प्रावधानों के अनुरूप नहीं था।
ZEE5 ने जारी किया आधिकारिक बयान
फिल्म हटाए जाने के बाद ZEE5 ने भी आधिकारिक बयान जारी कर इसकी पुष्टि की। प्लेटफॉर्म ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए ‘सतलुज’ को भारत में अगले आदेश तक उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। साथ ही ZEE5 ने यह भी कहा कि वह लागू नियमों और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए फिल्म को दोबारा दर्शकों तक पहुंचाने के लिए सभी आवश्यक प्रयास करेगा। प्लेटफॉर्म ने फिल्म के निर्माताओं और रचनात्मक टीम के प्रति अपना समर्थन भी व्यक्त किया।
View this post on Instagram
दिलजीत दोसांझ ने जताई प्रतिक्रिया
फिल्म हटाए जाने के कुछ घंटों बाद दिलजीत दोसांझ ने इंस्टाग्राम लाइव के माध्यम से अपने प्रशंसकों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि उन्हें पहले से ही इस तरह की कार्रवाई की आशंका थी। दिलजीत ने कहा कि उन्हें लगा था कि सप्ताह की शुरुआत में कार्रवाई होगी, लेकिन फिल्म को उससे पहले ही प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें संतोष है कि रिलीज के दौरान बड़ी संख्या में दर्शक फिल्म देख चुके थे। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कुछ स्थानों पर प्रोजेक्टर के माध्यम से फिल्म की सामूहिक स्क्रीनिंग की गई, जिसे देखकर उन्हें खुशी हुई।
'पंजाब 95' से 'सतलुज' तक का सफर
यह फिल्म पहले ‘पंजाब 95’ शीर्षक से बनाई गई थी। फिल्म का विषय मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन और उनके संघर्ष पर आधारित है। रिपोर्टों के अनुसार, लंबे समय से प्रमाणन प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण फिल्म की सार्वजनिक रिलीज टलती रही। बाद में निर्माताओं ने इसका नाम बदलकर ‘सतलुज’ रखा और इसे सीधे ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज कर दिया।
हनी त्रेहान ने किया है निर्देशन
फिल्म का निर्देशन हनी त्रेहान ने किया है। इसमें दिलजीत दोसांझ के अलावा अर्जुन रामपाल, कंवलजीत सिंह, सुविंदर विक्की और गीतिका विद्या ओहलयान प्रमुख भूमिकाओं में नजर आते हैं। फिल्म लंबे समय से चर्चा में रही है और इसके विषय के कारण भी इसे काफी ध्यान मिला।
OTT रिलीज और नियामकीय प्रक्रिया पर नई बहस
'सतलुज' को हटाए जाने के बाद एक बार फिर यह बहस तेज हो गई है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म पर फिल्मों की रिलीज के लिए लागू नियामकीय प्रक्रियाओं और डिजिटल मीडिया नियमों का पालन किस प्रकार किया जाना चाहिए। मंत्रालय का कहना है कि सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म को निर्धारित कानूनी और नियामकीय प्रावधानों का पालन करना अनिवार्य है। वहीं, फिल्म से जुड़े पक्षों का मानना है कि वे उपलब्ध कानूनी विकल्पों के तहत दर्शकों तक अपनी फिल्म पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित पक्ष आगे क्या कानूनी या प्रशासनिक कदम उठाते हैं और क्या फिल्म भविष्य में आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद दोबारा ओटीटी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो पाती है।

Editorial Team
Diljit DosanjhSatluj MoviePunjab 95ZEE5Information and Broadcasting MinistryOTT ReleaseCBFCJaswant Singh KhalraBollywood NewsIB Ministry
Next Story |