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एपीके फाइल भेजकर करते थे काल... और फिर बैंक खाता साफ, इस जिले में पुलिस की गिरफ्त में आए पांच बदमाश

LHC0088 2025-11-4 18:37:17 views 1114
  

बागपत पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता कर पकड़े गए आरोपित साइबर अपराधियों के बारे में जानकारी देते एसपी सूरज कुमार राय, एएसपी प्रवीण कुमार चौहान व सीओ विजय चौधरी। जागरण



जागरण संवाददाता, बागपत। करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले साइबर अपराधियों के गिरोह का पांच बदमाशों को गिरफ्तार कर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। आरोपित भोले-भाले लोगों के पास एपीके फाइल भेजकर और बैंक कर्मचारी बनकर मोबाइल काल करते थे। उनके पास से दो कार, ज्वैलरी, आठ आइफोन समेत 17 मोबाइल और अन्य सामान मिला है। उनके तीन साथी फरार हैं। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें


एसपी सूरज कुमार राय एवं एएसपी प्रवीण सिंह चौहान ने सोमवार दोपहर पत्रकार वार्ता में बताया कि बड़ौत निवासी कमलकांत भारद्वाज ने गत 14 अक्टूबर को साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया था कि उनके मोबाइल पर अज्ञात नंबर से काल आई थी। कालर ने खुद को बैंककर्मी बताते हुए काल की, फिर वाट्सएप पर एपीके फाइल भेजकर बैंक खाते से 2.45 लाख रुपये निकाल लिए।

विवेचना में प्रकाश में आए आरोपित शिवा मूल निवासी ग्राम जिवाना, वर्तमान निवासी दलीप विहार बड़ौत, वंश निवासी जयंत कालोनी कोताना रोड, पुष्पेंद्र निवासी शताब्दी नगर बड़ौत, विजय निवासी गगन विहार रसगुल्ले वाली गली साहिबाबाद, नीरज निवासी सोनिया विहार निस्तौली लोनी (गाजियाबाद) को गिरफ्तार किया है। आरोपितों ने स्वीकार किया है कि उनके द्वारा एपीके फाइल भेजकर करीब 50 लाख रुपये से अधिक का साइबर फ्राड किया गया है।

आरोपितों के खातों में करोड़ों रुपये प्रदर्शित हुए हैं। इससे स्पष्ट है कि आरोपितों ने बड़े स्तर पर ठगी की है। आरोपितों के पास से आठ आइफोन समेत 17 फोन, सात डेबिट कार्ड, वरना व स्विफ्ट कार, सोने-चांदी के आभूषण व 29,450 रुपये रुपये बरामद हुए हैं। मोबाइल की कीमत करीब 20 लाख रुपये है।


ऐसे करते थे ठगी
पुलिस के मुताबिक आरोपितों ने पूछताछ में बताया कि वह अपने दोस्तों के साथ मिलकर पहले एपीके फाइल बनाते थे, जिन्हें विभिन्न लोगों के पास वाट्सएप पर भेजकर मोबाइल हैक करते थे। इसके उपरांत उक्त मोबाइलों का समस्त एक्सिस उनके पास आ जाता था। फाइल ओपन करते ही व्यक्ति आनलाइन शो होने लगता है। इसके उपरांत काल कर क्रेडिट कार्ड के प्वाइंट रिडीम करने के नाम पर आरटीओ, शादी के कार्ड, डेबिट कार्ड, मूवी टिकट, आनलाइन शापिंग, ट्रेवलिंग, लोन एप आदि के बारे में लुभावने आफर देकर साइबर ठगी करते थे। फ्राड में आए रुपये को आपस में कमीशन के रूप में बांट लेते थे।

बंगाल के व्यक्ति समेत छह ने की शिकायत
एसपी ने बताया कि एनसीआरपी पोर्टल पर आरोपितों द्वारा प्रयोग किए गए बैंक खातों की छह शिकायत मिल चुकी हैं। अमित कुमार निरवाल निवासी गुराना मार्ग बड़ौत से 19,897 रुपये, पवन कुमार निवासी ग्राम ट्योढ़ी से 83,500 रुपये, गौरव कुमार निवासी ग्राम ब्राह्मण पुट्ठी से 10 हजार रुपये, आलोक अग्रवाल निवासी बड़ौत से 1,12,949 रुपये तथा सौरभ कुमार निवासी बंगाल से 29 हजार रुपये की आनलाइन ठगी की गई है।


गिरोह का सरगना 11वीं फेल
एसपी ने बताया कि पूछताछ में आरोपितों ने जानकारी दी कि उन्हें महंगे मोबाइल इस्तेमाल रखने, होटलों में घूमने का शौक है, जिसके लिए रुपयों की जरूरत होती है। गिरोह का सरगना शिवा 11वीं फेल है, जिसे परीक्षा में फेल होने पर स्वजन ने घर से भगा दिया था। इसके बाद शिवा गाजियाबाद पहुंचा और वहां पर साइबर अपराध करना सीख लिया था। इसके बाद अपने गिरोह में बड़ौत के युवकों को शामिल कर लिया। उसका कोई साथी मोबाइल की दुकान करता है तो कोई सिम बेचता है। पुष्पेंद्र दोने-पत्तल बनाता है।  

टीम को 25 हजार का इनाम
एसपी ने बताया कि साइबर अपराधियों को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का इनाम दिया गया है। टीम में साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर ब्रिजेश सिंह, इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह खोड़ा, एसआइ संतशरण सिंह, हेड कांस्टेबल उमेश वर्मा व दीपक कुमार व कांस्टेबल मोहित शामिल हैं।
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