cy520520 • 2025-11-10 19:37:07 • views 1012
आवारा पशुओं के लिए बनेंगे शेल्टर होम।
जागरण संवाददाता, लखनऊ। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) आवारा पशुओं को रखने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग और एक्सप्रेस वे पर शेल्टर होम बनाएगा। राजमार्गों पर पेट्रोलिंग करने वाली टीम की एक विंग ऐसे आवारा पशुओं को पकड़कर शेल्टर होम में रखेगी और फिर ग्राम पंचायतों के जरिए एक प्रक्रिया अपनाकर मवेशियों के मालिकों और नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत को सौंपे जाएंगे। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
इसको लेकर जिला प्रशासन के साथ एनएचएआई बैठक करके पूरी रूपरेखा बनाएगा। पहले चरण में लखनऊ से कानपुर, लखनऊ से सीतापुर, हरदोई जैसे राजमार्गों पर काम होगा। फिर सुलतानपुर, आउटर रिंग, रायबरेली राष्ट्रीय राजमार्ग, अयोध्या राष्ट्रीय राजमार्ग पर शेल्टर होम बनाए जाएंगे।
एनएचएआई इन शेल्टर होम में आवारा मवेशियों के लिए पानी व हरे चारे की व्यवस्था भी करेगा। इसके लिए प्राधिकरण एक फंड बनाएगा और स्थानीय प्रशासन से भी मदद लेने पर विचार कर रहा है।
प्राधिकरण अफसरों ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर अधिकांश स्थानों पर बैरिकेडिंग हैं लेकिन कुछ स्थानों पर आने जाने के लिए रास्ते दिए गए हैं। उन्हीं स्थानों से यह आवारा मवेशी आ जाते हैं। इसके कारण दुर्घटनाएं भी होती हैं। बता दें कि सर्वोच्च न्यायालय की सख्ती के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण गंभीर हुआ है।
पेट्रोलिंग टीम के कंधों पर होगी जिम्मेदारी
राष्ट्रीय राजमार्ग पर पेट्रोलिंग करने वाली टीम में ही कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाएगी और उन्हें एक चार पहिया वाहन दिया जाएगा। यह वाहन चारों ओर से जालीनुमा दरवाजे से बंद होगा। राजमार्गों पर पकड़े जाने वाले आवारा मवेशियों को इसी में लादकर शेल्टर होम लाया जाएगा। इसके बाद ग्राम पंचायतों के जरिए आगे की प्रकिया अपनाई जाएगी।
शेल्टर होम प्राधिकरण की जमीन पर बनेंगे
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण अपनी जमीन पर ही शेल्टर होम बनाएगा। न्यायालय के आदेश बाद इनका निर्माण पक्के कमरे के रूप में किया जाएगा। पर्याप्त रोशनी, पानी व हरे चारे की व्यवस्था भी प्राधिकरण करेगा और स्टाफ की तैनाती भी करेगा।
सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का पालन शुरू कर दिया गया है। जिला प्रशासन से वार्ता चल रही है। शेल्टर होम कुछ राष्ट्रीय राजमार्ग व एक्सप्रेस वे पर बनाए जाएंगे। उनका संचालन कैसे किया जाएगा और आवारा मवेशियों का निस्तारण कैसे होगा, उसकी रूपरेखा बनाई जा रही है। जल्द ही यह शेल्टर होम दिखेंगे। -संजीव शर्मा, क्षेत्रीय प्रबंधक, वेस्ट, एनएचएआई। |
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