search
 Forgot password?
 Register now
search

चंडीगढ़ में निजी अस्पताल की लापरवाही से महिला ने गंवाई अंगुलियां, मिलेगा 50 लाख रुपये हर्जाना_deltin51

LHC0088 2025-9-30 03:36:34 views 1240
  जिला उपभोक्ता आयोग ने अस्पताल और उसके डॉक्टरों को सेवा में लापरवाही का दोषी ठहराया है।





जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। सेक्टर-34 स्थित हीलिंग अस्पताल की लापरवाही के कारण एक महिला  को बाएं हाथ की चार अंगुलियां काटनी पड़ी थी। जिला उपभोक्ता आयोग ने अस्पताल, इसके चेयरमैन कम मैनेजिंग डायरेक्टर, गैस्ट्रोएंट्रोलाजिस्ट डाॅ.संदीप पाल, न्यूरोमेडिसिन स्पेशलिस्ट डाॅ.जेपी सिंघवी और कास्मेटिक एंड प्लास्टिक सर्जन डाॅ.मनिंदर कौर बेदी को सेवा में लापरवाही का दोषी ठहराया है। साथ ही, 50 लाख रुपये हर्जाना भरने के निर्देश दिए हैं। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें



मोहाली के सेक्टर-69 में रहने वाली 45 वर्षीय गुरमीत कौर ने जिला उपभोक्ता आयोग में अस्पताल के खिलाफ याचिका दायर कर मुआवजा दिए जाने की मांग की थी। उसने बताया कि वह 25 नवंबर 2020 को वह हीलिंग अस्पताल में दाखिल हुई थीं। उन्हें सिर, पेट और पीठ में दर्द था और उल्टियां भी हो रही थी। डाॅक्टरों ने तुरंत उनका इलाज शुरू कर दिया और एंटीबायोक्टिक्स देने के लिए उनके बाएं हाथ में कैनुला लगा दिया। कुछ दिनों बाद उनके हाथ में सूजन आ गई और दर्द भी होने लगा।

hardoi-general,Hardoi road accident,fatal road accident,road safety India,traffic rule violation,police investigation accident,motorcycle accident Uttar Pradesh,high speed collision,five deaths accident,loader ran like death, हरदोई की खबर, हरदोई हादसा, हादसे में मौत, हरदोई लोडर हादसा, हरदोई बाइक हादसा, बाइक हादसे में मौत, बाइक हादसे में पांच मरे,Uttar Pradesh news   

डाॅक्टरों ने कहा कि यह आम बात है। थोड़े दिनों में वह ठीक हो जाएंगी। हालांकि दर्द कम होने के बजाय बढ़ता ही गया। 29 नवंबर 2020 को उनका हाथ नीला पड़ने लगा। अब डाॅक्टरों को भी चिंता होने लगा। पता चला कि उनके हाथ में गैंगरीन फैल गया था। डाॅक्टरों ने तुरंत सर्जरी करने का फैसला लिया, लेकिन उनकी हालत काफी बिगड़ गई थी, इसलिए उन्हें पीजीआई रेफर कर दिया गया।
पीजीआई में काटनी पड़ी अंगुलियां

हीलिंग अस्पताल के डाॅक्टरों ने उनके घाव पर अच्छे से पट्टियां भी नहीं की। घाव को खुला छोड़ दिया और उन्हें एंबुलेंस से पीजीआई भेज दिया। वहां उनका इलाज शुरू किया गया, हालांकि तब तक काफी देर हो चुकी थी। पीजीआई के डाॅक्टरों को उनके बाएं हाथ की चार अंगुलियां काटनी पड़ी।


28.26 लाख रुपये में लगवाना पड़ा कृत्रिम हाथ

गुरमीत ने कहा कि वह सारे काम बाएं हाथ से करती थी, इसलिए कारण उनका जीवन मुश्किल हो गया। अब वह अपने परिवार पर निर्भर रहने लगी। वह 85 प्रतिशत दिव्यांग हो चुकी थीं। उन्हें कृत्रिम हाथ बनवाना पड़ा जिसकी कीमत करीब 28.26 लाख रुपये थी।  



like (0)
LHC0088Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments
LHC0088

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1510K

Credits

Forum Veteran

Credits
156138

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com