शहर में नकली दवाएं बेचने वाले मेडिकल स्टोर को नहीं ढूंढ पाया ड्रग विभाग
जागरण संवाददाता, बदायूं। इसे ड्रग विभाग की नाकामी कहें या मिलीभगत...खुद स्वीकार करने के बावजूद ड्रग विभाग के अधिकारी आज तक उस मेडिकल स्टोर को नहीं ढूंढ पाए, जहां कानपुर से लाकर नकली दवाईयां बेची गई थीं।
बरेली के बाद बदायूं में भी छापामारी करने का दावा किया गया था लेकिन नकली दवाएं बेचने के मामले में किसी मेडिकल स्टोर पर कार्रवाई नहीं हुई। बाद में यह मामला ठंडे बस्ते में ही डाल दिया गया।
बरेली में नकली दवाईयां पकड़े जाने के बाद बदायूं के ड्रग इंस्पेक्टर लवकु्श प्रसाद ने स्वीकार किया था कि शहर के एक मेडिकल स्टोर पर कानपुर से लाकर नकली दवाईयां बेची गई हैं। उन्होंने यह भी दावा किया था कि मेडिकल स्टोर से चिह्नित कर लिया गया है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
जल्द ही पूरी टीम के साथ उस मेडिकल स्टोर पर छापामार कार्रवाई की जाएगी और मेडिकल स्टोर मालिक को नकली दवाओं के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार किया जाएगा। उसके खिलाफ बड़ी कार्रवाई की जाएगी और जब टीम आई तो उस मेडिकल स्टोर पर छापामार कार्रवाई ही नहीं की गई।
यह टीम दहगवां के एक मेडिकल स्टोर पर पहुंच गई और वहां छापामारी के नाम पर केवल खानापूरी कर दी गई। कार्रवाई के नाम पर कुछ दवाईयां सील कर दी गईं लेकिन शहर के मेडिकल स्टोर पर किसी भी तरह से कार्रवाई नहीं की गई।
दो-चार दिन बाद मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया और न ही फिर उसके बाद कार्रवाई का विचार किया गया जबकि वह मेडिकल स्टोर आज भी संचालित है। उस पर लगातार दवाईयां भी बेची जा रही हैं।
इससे लोग मान रहे हैं कि विभागीय अधिकारियों की मेडिकल स्टोर मालिक से साठगाठ हो गई। इससे उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई।
मेडिकल स्टोर पर अकेले कार्रवाई नहीं कर सकते। वहां टीम आकर छापामारी करेगी। अगर उसके यहां कुछ पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-लवकुश प्रसाद, ड्रग इंस्पेक्टर बदायूं |