तीन तस्कर पकड़े, फिर भी पिस्टल लापता
विकास वर्मा, मोदीनगर। मोदीनगर पुलिस जिस हथियार तस्करी के गिरोह को पकड़कर अपनी पीठ थपथपा रही है, इसमें अब तक एक भी हथियार बरामद नहीं हुआ है। महज 40 कारतूस में तीन आरोपितों की गिरफ्तारी हुई है। पिस्टल अब तक लापता है। बृहस्पतिवार को गिरोह का मास्टमाइंड सन्नी सांगवान भी पकड़ा, उससे भी महज 10 कारतूस बरामद हुए। पूरे प्रकरण में पुलिस की थ्योरी में भी शक के घेरे में है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
पुलिस ने 22 सितंबर को गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दावा किया कि आरोपित सन्नी सांगवान ने चिराग सांगवान व समर्थ सांगवान काे 0.32 बोर की पिस्टल व 30 कारतूस दिये। यह पिस्टल व कारतूस मुरादनगर के जलालाबाद के आदित्य को 90 हजार में देने थे। लेकिन पुलिस ने आदित्य व चिराग को पकड़ लिया। उनसे 30 कारतूस बरामद हुए। अब बृहस्पतिवार को सन्नी की गिरफ्तारी हुई तो पुलिस का दावा पलट गया।
पुलिस का कहना है कि सन्नी ने केवल छह हजार रुपये में 30 कारतूस इन्हें दिये थे। वह केवल कारतूस बेचता है। समर्थ कहीं और से पिस्टल लाया था। कारतूस सन्नी ने कृष्णाकुंज के निक्की से खरीदे थे। 30 बेचकर दस अपने पास रख लिये। चर्चा है कि समर्थ ने पिछले शनिवार को ही कोर्ट में समर्पण कर दिया। लेकिन इसकी पुष्टि नहीं है। यदि इस गिरोह पर आन डिमांड हथियार व कारतूस बेचने का अारोप है तो एक भी हथियार बरामद ना होना पुलिस की कार्यशैली के साथ थ्योरी पर भी सवाल खड़े कर रहा है।
आखिर जिले में कहां से आ रहे हथियार
गाजियाबाद पुलिस के जिले में हथियार तस्करी पर पूरी तरह रोक के दावों के बावजूद हथियार तस्करी मोदीनगर में सामने आई। तीन गिरफ्तारी के बाद भी यह साफ नहीं है कि आखिर हथियार व कारतूस जिले में कौन और कहां से ला रहा है। 40 कारतूस कहां से आए, किस लिए लाए गए, कौन इन्हें तैयार कर रहा है। इन सवालों के जवाब पुलिस पर नहीं हैं।
सन्नी ने पूछताछ में चिराग व समर्थ को केवल 30 कारतूस देने की बात पुलिस को बताई है। समर्थ से पूछताछ के बाद ही बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। - अमित सक्सेना, एसीपी मोदीनगर |