मुजाहिदीन आर्मी को विदेशी फंडिंग के मिले सुराग
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। मुजाहिदीन आर्मी बनाकर प्रदेश में हिंसा फैलाने के षड्यंत्र के मामले में विदेशी फंडिंग को लेकर भी छानबीन तेज की गई है। सूत्रों का कहना है कि अब तक की पड़ताल में एटीएस को इसके सुराग मिले हैं। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
सरगना मुहम्मद रजा के कुछ अन्य बैंक खातों की भी जानकारी जुटाई गई है। प्रदेश के कई जिलों से भी कट्टरपंथियों ने भी हथियारों की खरीद के लिए फंडिंग की थी। एटीएस इंटरनेट मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म से जुड़े रहे कई अन्य कट्टरपंथियों की तलाश भी कर रहा है।
एटीएस मामले में तब पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर चुका है, जिनके मोबाइल फोन की पड़ताल में पाकिस्तानी संगठनों से जुड़ी जानकारियां व नंबर भी हाथ लगे हैं। केरल से पकड़ा गया मास्टरमाइंड मुहम्मद रजा प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में अपना नेटवर्क बढ़ाने के लिए युवकों को जिहाद के लिए उकसा रहा था।
एटीएस इन ग्रुपों से जुड़े रहे कई युवकों की इंटरनेट मीडिया पर रही गतिविधियों की गहनता से समीक्षा भी कर रहा है। मामले में गिरफ्तार सुलतानपुर निवासी अकमल रजा, सोनभद्र निवासी सफील सलमानी उर्फ अली रिजवी, कानपुर निवासी मु.तौसीफ व रामपुर निवासी कासिम अली के संपर्क में रहे स्थानीय युवकों को लेकर पड़ताल की जा रही है।
एटीएस अगले सप्ताह कोर्ट में अर्जी दाखिल कर आरोपितों को पुलिस रिमांड पर लेने का प्रयास करेगा। ताकि अब तक सामने आए तथ्यों के आधार पर उनसे नए सिरे से पूछताछ की जा सके। सरगना रजा के बैंक खातों में हुए लेनदेन को लेकर भी सवाल-जवाब किए जाएंगे।
एटीएस ने लोकतांत्रिक व्यवस्था को ध्वस्त कर शरीयत कानून लागू कराने के इरादे से इंटरनेट मीडिया पर वाट्सएप, टेलीग्राम व सिग्नल एप के माध्यम से जोड़े गए कई कट्टरपंथियों को चिन्हित किया गया है। जल्द कुछ अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी हो सकती है। |