LHC0088 • 2025-12-11 10:36:49 • views 1239
पीठ ने एसआइटी को जांच पूरी करने के लिए दो महीने का और समय दिया।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि किसानों को अधिक मुआवजा मामले में विशेष जांच दल (एसआइटी) से नोएडा के पूर्व सीईओ की भी जांच की अपेक्षा की जाती है।
कोर्ट ने कहा कि नोएडा के अधिकारियों की कथित “मिलीभगत“ और “साजिश“ में किसानों को उनकी जमीन के मुआवजे के रूप में अधिक भुगतान की जांच के लिए गठित एसआइटी को पिछले 10-15 वर्षों में प्राधिकरण के शीर्ष पर रहे मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और अन्य लोगों की भी जांच करनी चाहिए। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
SIT को दो महीने का और समय
चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां तथा जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने एसआइटी को जांच पूरी करने के लिए दो महीने का और समय दिया। नोएडा की ओर से पेश हुए सालिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि वे इस मामले में प्राधिकरण का दृष्टिकोण प्रस्तुत करने के लिए हलफनामा दाखिल करना चाहते हैं।
अधिक भुगतान वाले किसानों को नहीं मिलेगा दंड
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जिन किसानों को अधिक भुगतान किया गया है, उन्हें दंडित नहीं किया जाएगा और उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। अपनी जमीन के लिए कथित तौर पर अधिक भुगतान पाने वाले एक किसान की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थ दवे ने कहा कि उनके मुवक्किल को एसआइटी के समक्ष पेश होने तथा बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस मिल रहे हैं।
पीठ से आग्रह किया, “कृपया किसानों की रक्षा करें क्योंकि इसमें उनकी कोई गलती नहीं है।“
समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ |
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