deltin33 • 2025-12-13 19:08:14 • views 741
हमारे देश में आज भी लोग सिर्फ निवेश के उद्देश्य से नहीं, बल्कि पारंपरिक वजह से सोने और चांदी को खरीदते हैं। महंगाई इतनी बढ़ गई है कि 22 कैरेट सोना खरीदना मुश्किल हो गया है। वही इस साल चांदी के दाम ने भी आसमान छू लिया है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
बढ़ती कीमतों की वजह से लोग कम शुद्धता वाली चांदी या सोना खरीदने लगे हैं। अगर आप भी हाल फिलहाल में सोना या चांदी खरीदने का प्लान बना रहे हैं। कीमत बढ़ने की वजह से कम कैरेट या शुद्धता वाली चांदी खरीद रहे हैं, तो ये आर्टिकल आपकी मदद सकता है।
सबसे पहले जानते हैं कि किस कैरेट में कितनी शुद्धता होती है?
कितना शुद्ध है आपका सोना?
| कैरेट | कितना शुद्ध? | | 24 कैरेट | 99.90% | | 22 कैरेट | 91.60% | | 18 कैरेट | 75% | | 14 कैरेट | 58.30% | | 12 कैरेट | 50% | | 10 कैरेट | 41.70% | | 9 कैरेट | 37.50% |
अब चांदी की बात कर लेते हैं।
999, 958, 925 से कैसे पहचाने शुद्धता?
| चांदी | कितनी शुद्धता | | 999 | 99.90% | | 958 | 95.80% | | 925 | 92.50% | | 800 | 80.00% |
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अक्सर हमारे मन में गोल्ड ज्वैलरी पर लगने वाले मेकिंग चार्ज को लेकर भी कन्फ्यूजन रहती है। ये आमतौर पर दो तरह से कैलकुलेट किया जाता है-
पहला प्रति ग्राम के हिसाब से लगाया जाता है। जैसे कोई ज्वैलरी शॉप 500 प्रति ग्राम चार्ज बताएगा। अगर आप इस दुकानदार से 10 ग्राम सोना लेते हैं, तो इसका मतलब है कि आपका मेकिंग चार्ज 5000 रुपये होगा।
दूसरा प्रतिशत के हिसाब से भी मेकिंग चार्ज लगाया जाता है। मान लीजिए गोल्ड ज्वैलरी की कीमत 1 लाख रुपये है। इस तरह से मान लीजिए मेकिंग चार्ज 10 फीसदी है, तो ये ज्वैलरी की कोस्ट यानी 1 लाख रुपये पर लगेगा। इस तरह से मेकिंग चार्ज 10 हजार रुपये हो जाएगा।
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