LHC0088 • 2025-12-14 13:06:54 • views 737
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। कोर्ट परिसर में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत एक बार फिर यह साबित करने में सफल रही कि संवाद और सहमति कानूनी टकराव से कहीं ज्यादा असरदार हो सकते हैं। पति-पत्नी के बीच वर्षों से चले आ रहे मतभेद, दहेज, तानों, मारपीट और आपसी अविश्वास जैसे मुद्दों पर दाखिल मुकदमों का निस्तारण लोक अदालत के मंच पर आपसी समझ से हुआ। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
इस दौरान करीब 199 पारिवारिक विवादों को दोनों पक्षों की सहमति से सुलझाया गया। इनमें से 24 जोड़ों को सुलह के आधार पर साथ विदा किया गया, जबकि कई मामलों में पति-पत्नी ने साथ रहने की सहमति जताते हुए मुकदमे आगे न बढ़ाने का निर्णय लिया। लोक अदालत का यह दिन सिर्फ फाइलें निपटाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कई परिवारों के लिए रिश्तों को नया मौका देने वाला साबित हुआ। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कुमार मीताक्षर का कहना है कि लोक अदालत में शनिवार को 48 हजार से ज्यादा वादों का निस्तारण हुआ।
केस-1
बीस साल साथ रहकर हुए थे अलग, लोक अदालत ने मिटाई दूरी
छोटी बातों पर शुरू हुए विवाद ने एक दंपती के 20 साल के वैवाहिक जीवन को नजर लगा दी। शनिवार को लोक अदालत में दोनों एक साल के अलगाव के बाद साथ रहने को राजी हो गए। साहिबाबाद क्षेत्र के लाजपत नगर में रहने वाले युवक की शादी शाहदरा के मानसरोवर पार्क निवासी युवती से अप्रैल 2004 में हुई थी। शादी के बाद दोनों के पहले एक बेटा हुआ उसके बाद बेटा और बेटी जुड़वा बच्चे पैदा हुए।
दंपती के बीच वर्ष 2024 में छोटी छोटी बातों पर झगड़ा होने लगा। नाराज होकर महिला अपने मायके चली आई और अपने पति के खिलाफ उत्पीड़न की अर्जी दाखिल कर दी। शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत में दोनों उपस्थित हुए। दोनों के बीच बातचीत हो गई और दोनों ने कोर्ट को बता दिया कि वह अब साथ रहना चाहते हैं। इसके बाद कोर्ट ने दोनों को साथ रहने की अनुमति दे दी।
केस-2
पति को बूढ़ा बोलने पर रिश्ता उलझा, लोक अदालत में सुलझा
पहली पत्नी से तलाक के बाद युवक ने तीन साल पहले दूसरी शादी की थी, लेकिन उसकी पत्नी उसे अक्सर बूढ़ा बोलकर ताने देती थी। विवाद बढ़ने पर पत्नी मायके चली गई और कोर्ट में खर्चे का केस डाल दिया।अर्थला में रहने वाली एक युवती की शादी वर्ष 2022 को दीनदयालपुरी में रहने वाले युवक से हुई थी। युवक का पहली पत्नी से तलाक हो गया था।
उसकी पत्नी उसे बूढ़ा कहकर ताने देती थी। दोनों के बीच कई बार मारपीट और पंचायत हुई। महिला ने पति के साथ जाने से मना कर दिया और कोर्ट में भरण पोषण की अर्जी दाखिल कर दी। शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत में युवक ने पत्नी से साथ चलने को कहा। इसके लिए वह तैयार हो गई। इसके बाद कोर्ट ने दोनों को विदा कर दिया। |
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