deltin33 • 2025-12-18 03:37:01 • views 559
पीएफआरडीए ने एनपीएस के नियमों में किया बदलाव
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पीएफआरडीए ने योजना से निकलने और पैसा निकालने के नियमों में बदलाव किया है। नेंशनल पेंशन सिस्टम यानी एनपीएस के गैर सरकारी सब्सक्राइबर योजना से निकलने के समय जमा हुए फंड का 80 प्रतिशत तक निकाल सकेंगे। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
पहले यह सीमा 60 प्रतिशत थी और बाकी का इस्तेमाल एन्युटी खरीदने के लिए किया जाता था, जिससे मासिक या इसी तरह की कोई दूसरी पेंशन स्कीम ली जा सके। इसके अलावा, रेगुलेटर ने योजना से निकलने की उम्र भी पहले के 70 साल से बढ़ाकर 85 साल कर दी है।
पीएफआरडीए ने एनपीएस के नियमों में किया बदलाव
नए नियमों के तहत अब एनपीएस अकाउंट को पीएफआरडीए द्वारा तय सीमा के अंदर वित्तीय संस्थान से लोन लेने के लिए गिरवी रखा जा सकता है। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथारिटी (पीएफआरडीए) ने कहा, सब्सक्राइबर को जितनी इजाजत होगी, उतनी वित्तीय मदद लेने का अधिकार होगा और इस मकसद के लिए सब्सक्राइबर नेशनल पेंशन सिस्टम के तहत मिलने वाले किसी भी लाभ के संबंध में कर्जदाता के पक्ष में कांट्रैक्ट कर सकता है।
अगर पेंशन कार्पस (पेंशन फंड में जमा पैसा) आठ लाख रुपये से कम है तो सब्सक्राइबर के पास पूरी जमा पेंशन को एक साथ निकालने या आंशिक पैसा निकालने का विकल्प होगा। रेगुलेटर ने आंशिक निकासी की संख्या भी पहले के तीन से बढ़ाकर चार कर दी है। हालांकि, हर निकासी के बीच चार साल का अंतराल होना चाहिए।
सब्सक्राइबर फंड का 80% तक निकाल सकेंगे
60 साल की रिटायरमेंट उम्र हासिल करने के बाद आंशिक निकासी तीन बार कर सकेंगे। हालांकि, प्रत्येक निकासी के बीच कम से कम तीन साल का अंतराल होना चाहिए।
एन्युटी हिस्से को 20 प्रतिशत तक कम करके नियामक ने एनपीएस सब्सक्राइबर को अपनी जरूरतों के हिसाब से जमा फंड का इस्तेमाल करने की आजादी दी है। सरकारी सेक्टर के सब्सक्राइबर के मामले में योजना से निकलने की उम्र 75 से बढ़ाकर 85 कर दी है। इसका मतलब है कि सब्सक्राइबर 85 साल के होने तक एनपीएस में निवेश कर सकेंगे।
(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ) |
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