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चोरों ने काटी बिजली... ट्रांसफार्मर में एल्युमिनियम मिला तो छोड़कर चले गए, नजारा देख हैरान रह गए अधिकारी

Chikheang 2025-12-30 22:27:28 views 1111
  



जागरण संवाददाता, लखनऊ। बिजली विभाग से निकाले गए संविदा कर्मी ही बिजली विभाग के लिए नासूर बन गए हैं। कही एरियल बंच केबल चोरी कर रहे हैं तो कही चलते हुए ट्रांसफार्मर से बिजली बंद करके ट्रांसफार्मर का तांबा चोरी करने की कोशिश कर रहे हैं। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

बेरोजगार हो चुके ऐसे संविदा कर्मियों को पता है कि कैसे चलती हुई बिजली बंद करनी है? इस पूरे काम में उनका साथ दे रहे है स्थानीय बिजली उपकेंद्रों में कार्यरत संविदा कर्मी। रविवार को पारा के हंसखेड़ा में 250 केवीए ट्रांसफार्मर से मोहल्ले की बिजली रात 12 बजे काटी जाती है।

पड़ोस में बन रहे निर्माणाधीन मकान से बल्लियां लायी जाती है और ट्रांसफार्मर के चारों ओर लगी जाली को बलपूर्वक तोड़कर ट्रांसफार्मर से निकले केबल काटे जाते हैं और ट्रांसफार्मर से फिर तांबा निकालने की कोशिश होती है। पुराना ट्रांसफार्मर होने के कारण उसके भीतर इन चोरों को एल्युमिनियम मिलता है तो वह ट्रांसफार्मर को छोड़कर चले जाते हैं।

वहीं, रविवार रात 12 बजे से सोमवार सुबह 11:30 बजे तक बिजली क्षेत्र की बंद रहती है। यह स्थिति अब शहर के बाहरी क्षेत्र में ज्यादा होने लगी है। दो दिन पहले आलमनगर क्षेत्र के तीन संविदा कर्मियों की भूमिका पायी गई थी।  

बिजली अभियंताओं के मुताबिक, इन संविदा कर्मियों ने 25 दिसंबर की रात कई मीटर एरियल बंच केबल बिजली की सप्लाई बंद करके चोरी कर ले गए थे। पास में लगे सीसीटीवी में इन संविदा कर्मियों की हरकत कैद हुई थी।

एफसीआई बिजली उपकेंद्र से संबंधित प्रभातपुरम में बिजली तो आ गई लेकिन उपभोक्ताओं की नजरों में बिजली विभाग को शर्मशार होना पड़ा। वहीं जांच में संविदा कर्मी विकास यादव, अमर आनंद व निष्कासित संविदा कर्मी ललित की भूमिगत संदिग्ध पायी गई थी। अब अन्य की सेवाएं भी समाप्त कर दी गई हैं।

अवर अभियंता राजेश कुमार चौधरी ने सभी आरोपियों के खिलाफ दूसरे दिन तालकटोरा थाने में चोरी की धाराओं में एफआइआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दी थी। करीब 40 मीटर यह केबल था। हालांकि तालकटोरा इंस्पेक्टर कुलदीप दुबे के मुताबिक कोई ऐसी एफआइआर दर्ज नहीं हुई है।

पड़ोसी बोले, चार से पांच चोर ही कर सकते हैं ऐसी घटना  

भूतपूर्व सैनिक अशोक मौर्यो के मुताबिक 250 केवीए ट्रांसफार्मर की बिजली काटना और फिर बल्ली लगाकर उसे प्लेटफार्म से नीचे गिराकर तांबा निकालने के लिए चार से पांच अनुभवी लोगों की जरूरत पड़ेगी। यह कारनामा इससे कम लोगों ने नहीं किया होगा। उनके मुताबिक पारा के हंसखेड़ा में न तो पुलिस की गश्त होती है और न जिम्मेदार बिजली अभियंता व कर्मी ही सजग है।

उपभोक्ताओं द्वारा अगर सूचित न किया जाता तो बिजली उपकेंद्र पर तैनात अभियंता व कर्मी को पता ही नहीं चलता कि ट्रांसफार्मर को चोरों ने प्लिंथ से नीचे गिरा दिया और बिजली आपूर्ति बंद है।

उधर ठंड होने के कारण रात में उपभोक्ताओं को बिजली की समस्या का सामना तो नहीं करना पड़ा लेकिन सुबह बिजली न आने से उपभोक्ताओं को पानी व दैनिक कार्य के लिए परेशानी उठानी पड़ी।

ट्रॉली ट्रांसफार्मर लगवाकर चालू करवाई बिजली

अभियंताओं ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके पर ट्रॉली ट्रांसफार्मर लगवाकर बिजली आपूर्ति तो शुरू करवा दी लेकिन जमीन पड़े ट्रांसफार्मर को दोबारा रखने की जरूरत नहीं समझी। यही नहीं यह ट्रांसफार्मर कब तक इसी तरह सड़क के किनारे खड़ा रहेगा और पूर्व की भांति ट्रांसफार्मर कैसे काम करेगा, उसको लेकर भी स्थानीय उपभोक्ताओं को कोई जानकारी नहीं दी। इससे स्थानीय उपभोक्ताओं में बिजली विभाग के खिलाफ नाराजगी है।

पांच विद्युत पोलों का तार चोरी, नहीं दर्ज हुई रिपोर्ट

इटौंजा के चक पृथ्वीपुरी गांव में नवंबर माह में अज्ञात चोरों ने पांच विद्युत पोलों का एबी केबल चोरी कर भाग गए थे। इससे दो निजी नलकूपों की जहां विद्युत आपूर्ति बंद हो गई थी। वहीं 25 घरों के लोग कई दिनों तक अंधेरे में रहे थे। चक पृथ्वीपुर गांव में चोर बिंद्रा के नलकूप से कुलदीप के खेत तक लगे पांच विद्युत पोलों के तार को काट ले गए थे।

इस चोरी के अलावा छह माह पहले चांदपुर खानीपुर ग्राम पंचायत में लगभग एक दर्जन विद्युत पोलों से चोर तार उड़ा ले गए थे। अवर अभियंता इटौंजा अजय कुमार ने बताया चक पृथ्वीपुर गांव में चोरी हुए तार की रिपोर्ट अभी नहीं दर्ज हुई है।
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